चेन्नै : अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने तमिलनाडु का दौरा  21 फरवरी से शुरू होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हासन ने कहा कि उन्होंने बहुत ट्वीट किए लेकिन सरकार से कोई परिणाम नहीं मिला और इसलिए उन्होंने खुद क्षेत्र में उतरने का निर्णय लिया। एक तमिल पत्रिका के कॉलम में कमल हासन ने लिखा है कि उन्होंने तमिलनाडु सरकार को बहुत सारे ट्वीट किए। सरकार ने उनके इन ट्वीट्स पर कोई ध्यान नहीं दिया और इसका कोई परिणाम नहीं निकला। अब उन्होंने खुद क्षेत्र में उतरने का निर्णय लिया है।

कमल हासन

उन्होंने कहा कि वह और उनके प्रशंसक क्लब ने गांवों को गोद लेने और विकास कार्यों को पूरा करने का निर्णय लिया था, जिसमें वह और उनके फैन क्लब के सदस्य सक्षम थे। उन्होंने कहा कि उन गोद लिए गांवों को आदर्श गांवों में बदलने का प्रयास किया गया।


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कमल हासन ने कहा कि लोग गांवों से शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। हम शहरों में उपलब्ध सुविधाएं गांवों तक ले जाना चाहते हैं, जिससे प्रवास बंद हो। वे गांव को अपनाने और विकास गतिविधियों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा, “छात्रों को लैपटॉप प्रदान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका इस्तेमाल करना भी सिखाया जाना चाहिए।”

हासन ने इसी बीच इशारों-इशारों में खुद को तमिल लोगों से जोड़ा। गौर करने वाली बात यह है कि रजनीकांत मूल रूप से तमिल नहीं हैं, वह मराठी हैं। कमल ने इस दौरान कहा कि उनका परिवार गांधी के विचारों पर चलने वाला है।

बता दें कि अभिनेता रजनीकांत ने एक राजनीतिक दल बनाने और अगले विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु में सभी 232 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।

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