अगर आपको ये पढ़कर गुस्सा आ रहा है तो जरा थम जाइये क्योंकि ऊपर लिखी ये बात हम नहीं बल्कि भारत के सर्वाधिक साक्षर राज्य केरल के कांग्रेसी नेता ने कही है. तिरुवनंतपुरम में  ‘मीडिया एवं राजनीति’ पर आयोजित एक सम्मेलन में हुसैन ने सोमवार को कहा कि,   ‘‘ पीरियड्स के दौरान महिलाएं अपवित्र हो जाती हैं. महिलाओं को इस दौरान मंदिर नहीं जाना चाहिए. ’’

इसके बाद  नेताजी के इस बयान की चौतरफा आलोचना हुई जिसके बाद हसन ने मंगलवार सफाई देते हुए कहा कि यह उनकी निजी राय नहीं थी और उन्होंने सिर्फ वहीं कहा जो समाज में स्थिति है.

तोड़-मरोड़ कर पेश किया बयान

सम्मेलन में मौजूद महिला प्रतिभागियों ने भी  बयान को महिला विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया था. हसन ने दावा किया कि मीडिया के एक वर्ग ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. हसन को हाल ही में वी एम सुधीरन के इस्तीफे के बाद केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है .


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खैर ये तो रही नेता जी की बात लेकिन कड़वी सच्चाई तो यही है की हमारे समाज में कई लोग इस बात को मानते हैं. ये बात अभी नवरात्र के इस पर्व में भी आप कई  लोगों के मुंह से सुनेंगे और विरोध नहीं कर पायेंगे.नेताजी भी उसी समाज से ही आते हैं. जरूरत इस बात की है कि हम पीरियड्स को अब एक साधारण शारीरिक प्रक्रिया की तरह माने और लोगों को इस रूढ़िवादी मानसिकता से बाहर निकलने के लिए जागरूक करें .

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