चीन ने अपने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के संस्थापक माओ त्से तुंग के बराबर बैठा दिया है। सीपीसी ने राष्ट्रपति जिनपिंग के दूसरे कार्यकाल को मंजूरी भी दे दी है।

इनके नाम व विचार किए गए शामिल

यही नहीं, पार्टी ने शी जिनपिंग की विचारधारा को संविधान में शामिल करने के लिए इसमें संशोधन किया है। इसके साथ ही वह माओ व उनके उत्तराधिकारी देंग शियोपिंग के समकक्ष हो गए। ये दोनों ऐसे नेता हैं जिनके नाम व विचार पार्टी संविधान में शामिल हैं।

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पांच साल में एक बार होती है बैठक

हफ्ते भर चली कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस के समापन पर पार्टी के संविधान में  शी की अवधारणा ‘एक नए युग के लिए चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद’ को शामिल किया गया। पार्टी की कांग्रेस की बैठक पांच साल में एक बार होती है।

नई केंद्रीय कमेटी का भी चयन

सीपीसी ने अगले पांच साल तक तक पार्टी का नेतृत्व करने के लिए नई केंद्रीय कमेटी भी चुनी है। 19वीं सीपीसी केंद्रीय कमेटी पूर्ण अधिवेशन
में पोलित ब्यूरो, पोलित ब्यूरो स्थायी समिति और महासचिव का निवार्चन करेगी।

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पांच नए सदस्य चुने जाएंगे

पोलित ब्यूरो चीन में शासन की शीर्ष परिषद है। पार्टी में जिनपिंग पहले और प्रधानमंत्री ली क्विंग दूसरे नंबर पर हैं। दोनों ही पांच पांच
साल तक शीर्ष नेतृत्व पर बने रहेंगे। देश पर शासन करने वाली पार्टी की सात सदस्यीय स्थायी समिति के लिए पांच नए सदस्य चुने जाएंगे।

शी जिनपिंग के विचार

चीनी राष्ट्रपति की विचारधारा को ‘शी जिनपिंग थॉट’ कहा जाने लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी के संविधान में ‘शी जिनपिंग थॉट’ प्रतिष्ठापित हो जाने का मतलब हुआ कि प्रतिद्वंद्वी अब जिनपिंग को बिना कम्युनिस्ट पार्टी के नियमों का हवाला दिए चुनौती नहीं दे सकते हैं। अब स्कूल और कॉलेज के छात्र, सरकारी कर्मचारी नौ करोड़ कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के साथ जिनपिंग थॉट पढ़ेंगे।

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