पीएम नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी ऐलान के बाद से गरीबों को दो वक़्त की रोटी के लिए मोहताज होना पड़ा. अचानक से लिए गए नोटबंदी के फैसले पर देश में हलचल मच गयी थी कि आखिर ऐसी क्या वजह है, जो ये फैसला लेना पड़ा. सरकार की ओर से लिया गया ये फैसला काले धन को रोकने के लिए था. 9 महीने बाद पीएम नरेन्द्र मोदी के इस नोटबंदी फैसले पर आरबीआई की रिपोर्ट सामने आई है.

नोटबंदी फैसले पर आरबीआई रिपोर्ट

इस रिपोर्ट से पता चलता है कि नोटबंदी का इकॉनमी पर क्या असर हुआ है. रिज़र्व बैंक ने ऐलान किया है कि 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के बाद नए नोटों की छपाई में दुगना खर्चा हुआ है.


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


पीएम मोदी ने 8 नवम्बर, 2016 को नोटबंदी पर लिए गए फैसले के बारे में कहा था कि इससे भ्रष्टाचार, कालाधन, जाली नोट और आतंकवाद पर लगाम लगेगी. काला धन पर 15 अगस्त, 2017 को पीएम मोदी ने कहा था कि बैंकों में आए कालेधन में से करीब 1.75 लाख करोड़ रूपए की राशि घेरे में है. इस आंकड़े का सोर्स रिवील नहीं किया गया है.

इकोनॉमिस्‍ट की नज़र में फायदा

ज़्यादातर इकोनॉमिस्‍ट का मनना है कि इससे टैक्सपयेर्स का दायरा बढ़ा है. सरकार का इरादा ब्लैक मनी को सामने लाने का था. अब लगभग सारा पैसा बैंक में जमा हो चुका है. इससे ये जानने में आसानी हुई कि इसमें से ब्लैक मनी और व्हाइट मनी कौन सा है.

पैसा सिस्टम में आने से लोग लोग हरदम टैक्स पे करेंगे. यानी सरकार को लगातार फायदा मिलेगा. आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में 91 लाख नए टैक्सपयेर्स बढे हैं.

क़र्ज़ हुआ सस्ता

दूसरा फायदा बैंकों में अचानक जमा राशि बढ़ने के रूप में सामने आया. इसकी वजह से लोगों को क़र्ज़ सस्ता मिलने का रास्ता खुला है. हाउसिंग लोन सहित अन्य सभी कर्जों पर बैंकों ने इंटरेस्ट रेट घटा दी है.

भारतीय सेना को ताकतवर बनाने के लिए पीएम मोदी ने उठाया ये बड़ा कदम

महंगाई की हुई छुट्टी

तीसरा फायदा महंगाई घटने के रूप में सामने आया है. ब्लैकमनी की वजह से फ़िज़ूलखर्ची बढ़ती है, जिससे चीज़ों के दाम बढ़ जाते हैं. लेकिन पूरा पैसा सिस्टम में आने से ऐसी चीजें रुकी हैं, जिससे महंगाई पर लगाम लगी है.

कैशलेस ट्रांजेक्शन में इजाफा

चौथा फायदा कैशलेस ट्रांजेक्शन के रूप में मिला. पूरा कारोबार ऑन पेपर हो रहा है और नोटों की ज़रूरत कम हो रही है. इससे टैक्स चोरी भी अब नहीं होती है. रिज़र्व बैंक के डाटा के अनुसार नवम्बर 2016 से लेकर मार्च 2017 तक 33% ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बढ़ा है.

नकली नोट छापना हुआ मुश्किल

आतंकी फंडों में नकली नोटों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता था. सरकार का दावा है कि नोटबंदी के बाद से आतंकी फंडिंग पर रोक लगी है. 500 और 2000 के नए नोटों में सिक्योरिटी फीचर्स ऐड किये गए हैं, जिसके चलते नकली नोटों को छापना मुश्किल हो रहा है.

नोटबंदी से नुक्सान

नोटबंदी के बाद साल की पहली तिमाही में जीडीपी 6.1 फीसदी पर पहुँच गई, जो पिछले साल 7.1% थी. ये बाज़ार में नकदी की भारी कमी की वजह से हुआ है. कारोबार, काम-धंधे और कारखाने बुरी तरह से इफेक्ट हुए हैं. वहीँ इस कारण कई गरीब लोगों की मौत भी हो गयी थी.

इस मामले में फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली का कहना है कि नोटबंदी का मकसद सिर्फ पैसा जब्त करना नहीं था. इकॉनमी के लिए डिजिटाइजेशन बहुत ज़रूरी था. नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स रिटर्न में 25% की बढ़ोतरी हुई है. जो दर्शाता है कि सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है.

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...