अपनी आवाज़ से ऑडियंस का दिल जीतने वाले सिंगर शान ने इंडस्ट्री को कई हिट सॉंग्स दिए हैं. एक वक़्त था जब सिर्फ शान के ही गाने चलते थे. लेकिन इन दिनों कम ही फ़िल्मी गानों में उनकी आवाज़ सुनाई दे रही है. माना कि आजकल यो-यो हनी सिंह और बादशाह के हिप-हॉप सॉंग्स ज्यादा चल रहे हैं, लेकिन सूफी और सिंपल म्यूजिक को सुनने का भी अपना ही मज़ा है. पहले की तुलना में अब कम गाने पर शान ने बयां किया है अपना हाल-ए-दिल. उन्होंने इंडस्ट्री से अपनी कमी का कारण एक इंटरव्यू में बताया है.

शान से पूछा गया कि अच्छी आवाज़ और फैंस होने के बावजूद गाना क्यों कम कर दिया है, तो इमोशनल अंदाज़ से उन्होंने बताया कि अब कोई गाने के लिए नहीं बुलाता. इसलिए किसी के इंतज़ार में बैठे रहने से अच्छा वो खद का एप्लीकेशन लॉन्च कर रहे हैं. शान ने बताया,’आप एक आर्टिस्ट के तौर पर एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं, तब कई लोग आपको डिस्करेज करते हैं. कहते हैं ये हिट नहीं होगा, चलेगा नहीं. ऐसे में कई बार बात बनकर भी रह जाती है. लेकिन अगर फैन्स से डायरेक्ट कनेक्शन है, तो कोई रोकने वाला नहीं है. अगर वाकई में आपका गाना बेकार हुआ, तो ऑडियन्स खुलकर बता भी देगी कि मजा नहीं आ रहा है. इस तरह आपको तुरन्त फीडबैक मिल जाता है.


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म्यूजिक में एक्सपेरिमेंट के बारे में बता कर शान ने कहा कि उन्होंने ‘अल्लाह हू’ गाना कंपोज़ किया है, जो सूफीयाना है. इसे रॉक कव्वाली स्टाइल में गाया गया है. उन्होंने मराठी गाने भी गाए हैं. हालाँकि, शान ने ये बात क्लियर कर दी कि बहुत ज्यादा एक्सपेरिमेंट भी उनको पसंद नहीं है, इसलिए वो सोच समझ कर ही कोई स्टेप ले रहे हैं. जिस तरह के गाने वो खुद नहीं सुनते, तो वो किसी और को क्या सुनाएंगे.

शान से सिंगर की स्टीरियो इमेज के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि हर तरह की ऑडियंस होती है. किसी को सिर्फ रोमांटिक गाने पसंद होते हैं, तो किसी को हिप-हॉप, सूफी, क्लासिकल वगैरह. उसी तरह कोई सिंगर सिर्फ एक ही तरह के गाने गाता है, तो कोई हर तरह के. इंडस्ट्री आपको एक ही तरह के टाइप में बाँध देती है, इसलिए आपको अपनी इमेज खुद ही बदलनी होती है.

ये एक कारण भी हो सकता है पुराने सिंगर्स को भूलने का. लेकिन अगर नए लोग आएंगे नहीं, तो वही पुरानी आवाज़ भी एक टाइम बाद बोर करने लगेगी. ये कुछ ऐसा है कि जैसे आपकी दुकान की शेल्फ पर एक ही चीज काफी वक्त से रखी है, तो दूसरी चीज को मौका कब मिलेगा बिकने का. तो कम्पनियां गाने ही ऐसे बनाती हैं कि फटाफट गाने आएं, उसे लोग सुनें, इंजॉय करें और फिर भूल जाएं. लेकिन इससे संगीत का नुकसान तो हो रहा है.

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अपने मोबाइल एप्लीकेशन के बारे में शान ने बताया कि ये एक ऐसा एप्लीकेशन है, जहाँ सिर्फ संगीत की बात नहीं होगी, नए टैलेंट को भी बढ़ावा दिया जाएगा. ये एप्लीकेशन फीडबैक देने के लिए भी होगा. कई बार आपके मन में ऐसा कुछ आता है कि आप उसे तुरन्त किसी से शेयर करना चाहते हैं और उसका फीडबैक फैन्स से चाहते हैं तो ऐप्लिकेशन्स इसके काम आते हैं. जैसे अगर कोई सिंगर फ़िल्मी गाने नहीं गा रहा है लेकिन ऐड कर रहा है, या फिर सोशल गानों से काम चला रहा है, तो उसे फीडबैक की ज़रूरत होती है. इसमें फैंस भी वीडियो भेज सकते हैं. ऐप का नाम है शान ऑफिशियल.

शान से पूछा गया कि आजकल के गानों और पुराने गानों में क्या फर्क है, तो उन्होंने नए गानों को बेकार बताया. उनके मुताबिक़ गाने ऐसे होने चाहिए कि उसे सुनकर आपको अच्छा लगे. अगर रोमांटिक गाने सुन रहे हैं, तो गाना सुनने के बाद अपनी महबूबा को सोचकर मन में अच्छी फीलिंग आए कि हमें जिंदगीभर साथ रहना है. रोमांस का मतलब एक-दूसरे के साथ अच्छा लगना होता है, न कि फिजिकल होना. नए रोमांटिक गाने ऐसे ही होते हैं, उनमें रोमांस कम और बेवकूफी ज्यादा होती है. लेकिन आज की जेनरेशन यही पसंद कर रही है.

ये बात ज़रूर है कि गोल्डन ऐरा के हिट सॉंग्स अब वापस आ रहे हैं. उनका रीमिक्स बना कर आज की फिल्मों में यूज़ किया जा रहा है. इनमें कुछ रीमिक्स अच्छे होते हैं, लेकिन कुछ बेतुके. कुछ ऐसे पुराने गाने हैं, जिनका क्रेज़ आज भी कायम है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उन गानों में नया म्यूजिक एड कर उसका बैंड बाजा बारात बजा दें.

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