बॉलीवुड में शाहरुख और गौरी की प्रेम कहानी की शुरू से ही खूब चर्चे रहे हैं। दोनों जिस तरह से एकदूसरे से मिले और जैसे दोनों के धर्मों में इतना अंतर होने के बावजूद दोनों एक हो गए, ये सब सुनना किसी के लिए भी बेहद इंट्रेस्‍टिंग बन गया। ऐसे में 25 अक्‍टूबर 2017 को इनकी शादी की 26वीं सालगिरह पर खुला ये राज कि शाहरुख गौरी को बाल नहीं खोलने देते थे। कारण था कि वह बाल खोलकर बहुत खूबसूरत लगती थीं। आइए इस खास मौके पर जानें कि इस रोमैंटिक कपल के बीच और क्‍या–क्‍या था खास।

ऐसी है जानकारी
गौरतलब है कि शाहरुख और गौरी की शादी को 26 साल हो चुके हैं। 25 अक्टूबर 1991 को दोनों ने हिंदू-रीति रिवाज के मुताबिक शादी की थी। इससे पहले दोनों का निकाह भी हुआ था। इस निकाह के आधार पर गौरी का नाम बदलकर आयशा रखा गया था। याद दिला दें कि गौरी स्टार वाइफ होने के साथ ही प्रोड्यूसर और इंटीरियर डिजाइनर भी हैं।


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


क्रेडिट देते हैं अपनी पत्‍नी को
कई मौकों पर शाहरुख अपनी कामयाबी का क्रेडिट पत्नी गौरी को देते हैं। वैसे गौरी को अपनी जिंदगी में लाना शाहरुख के लिए आसान नहीं था। काफी मशक्कत के बाद दोनों की शादी हुई थी। शाहरुख, गौरी को लेकर बहुत ही ज्‍यादा पजेसिव थे। इतने पजेसिव कि वे अगर अपने बालों को खोल कर रखें तो शाहरुख उनसे लड़ने लगते थे।

खुद शाहरुख ने बताया था ऐसा
एक मैगजीन में छपे अपने राइटअप में शाहरुख ने बताया था, ‘उस समय गौरी को लेकर मेरी दीवानगी बेहद बढ़ चुकी थी। अगर वो स्विमसूट पहनती या अपने बाल खुले रखतीं तो मैं उससे लड़ने लगता था। जब वो अपने बाल खोलती थीं तो बेहद खूबसूरत लगती थीं। मैं नहीं चाहता था कि दूसरे लड़के उसे देखें। मेरे अंदर असुरक्षा की भावना आ गई थी, क्योंकि हम ज्यादा मिल नहीं पाते थे और अपने रिश्ते के बारे में ज्यादा बात भी नहीं कर पाते थे।‘

अचानक शाहरुख को देख रो पड़ी थीं गौरी
शाहरुख की इसी आदत से परेशान होकर गौरी उन्हें दिल्ली में छोड़कर बिना बताए मुंबई आ गई थीं। ऐसे में शाहरुख, गौरी को मनाने मुंबई तक जा पहुंचे थे। उन्हें पता नहीं था कि गौरी मुंबई में कहां रह रही हैं तब भी उन्होंने कई दिनों तक मुंबई की गलियों की खाक छानी। बहुत ढूंढने के बाद एक दिन शाहरुख ने गौरी को मुंबई के अक्सा बीच पर ढूंढ ही निकाला। वहां अचानक शाहरुख को देख गौरी रोने लगी थीं।

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...