अभी दो दिन पहले पद्मावती का घूमर गाना रिलीज़ किया गया था. इसे 10 मिलियन से भी ज्यादा लोगों ने देखा है. पद्मावती भले ही कितनी भी कंट्रोवर्सी से घिरी हो, लेकिन इस फिल्म से जुड़ी हर छोटी से छोटी बात मायने रखती है. राजस्थान की माटी पर बनी फिल्म पद्मावती का दिल्ली कनेक्शन भी है. वो ये कि फिल्म में महारावल रतन सिंह का रोल कर रहे शाहिद कपूर और अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभा रहे रणवीर सिंह के कवच दिल्ली के विपुल अमर और हरशीन अरोड़ा ने तैयार किए हैं.

एक योद्धा के लिए जितनी जरूरी उसकी तलवार होती है, उतना ही अहम होता है उसका कवच. पद्मावती के दो योद्धाओं महारावल रतन सिंह (शाहिद कपूर) और अलाउद्दीन खिलजी (रणवीर सिंह) के खास कवच को तैयार किया है दिल्ली के विपुल अमर और हरशीन अरोड़ा ने. पेशे से बिज़नसमैन विपुल और साइकॉलाजिस्ट हरशीन ‘पद्मावती’ से पहले फिल्म ‘राब्ता’ में सुशांत सिंह राजपूत का कवच भी डिजाइन कर चुके हैं.


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


दीपिका की लाइफ का सबसे मुश्किल डांस नंबर घूमर कैसे हुआ पूरा

इस कवच को तैयार करने में पूरे 8 महीने का समय लगा. संजय लीला भंसाली पहले सिर्फ रणवीर सिंह का कवच चाहते थे. लेकिन उन्हें ये कवच और इनका काम इतना पसंद आया कि उन्होंने शहीद के लिए भी कवच बनवा लिया. रणवीर के कवच का वजन साढ़े सात किलो है जबकि शाहिद के कवच का वजन साढ़े चार किलो. इनके रोल को ध्यान में रख कर कवच बनाया गया था. शाहिद ऐसे योद्धा किरदार में हैं, जो अपने वतन से प्यार करता है. इसलिए उनके कवच का बेस ब्लड रेड है. उसमें जो डीप गोल्ड कलर यूज किया है, वो पैशन और सम्मान के लिए है. उनकी चेस्ट प्लेट में मेटल और लेदर को इन्फ्यूज किया गया है, जो अब से पहले नहीं हुआ.

फैंस का इंतज़ार हुआ खत्म, पद्मावती का पहला गाना घूमर हुआ रिलीज़

ये दोनों मटीरियल एक बहादुर राजा की खूबियों को दर्शाते हैं. इसमें राजपूताना मिट्टी के रंगों वाले शेड्स भी दिए गए हैं. वहीं रणवीर के कवच के कंधे पर दो शेर हैं. उसकी वजह ये है कि वह खूंखार है. शेर को जंगल का राजा कहा जाता है, लेकिन अलाउद्दीन की ताकत ऐसी है कि उसने दो शेरों को पालतू बनाकर अपने कंधे पर बैठा लिया है. उसके किरदार की डार्कनेस को उभारने के लिए घड़ियाल की डिजाइन वाली स्केलिंग दी है.

विपुल और हरशीन का फ़िल्मी कनेक्शन मजेदार है. ये पूछे जाने पर कि बॉलीवुड से कैसे जुड़ाव हुआ, तो उन्होंने बताया कि ‘लेदर में हम काफी काम करते हैं. हम जैकेट्स, फर्नीचर, बैग्स, कपड़े बनाते हैं. ‘राब्ता’ के टाइम कॉस्ट्यूम डिजाइनर मैक्सिमा बासु कोई लेदर एक्सपर्ट ढूंढ रही थीं. उन्हें कहीं से हमारे बारे में पता चला तो वह हमसे मिलने आईं. उन्हें हमारा काम पसंद आया और ऐसे हम ‘राब्ता’ से जुड़े. संजय भंसाली से हमारा परिचय भी मैक्सिमा बासु ने ही कराया.’

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...