रणवीर सिंह अपने किरदार को रियल एंगल देने के लिए उसमें पूरी तरह से डूब जाते हैं. किसी भी कैरक्टर के लिए बेस्ट शॉट देना हो, तो वो उसी दर्द या फिर यूं कहें कि सिचुएशंस से गुज़रते हैं, जिस तरह का उनका किरदार हो. ये अच्छी बात है लेकिन रणवीर को अपनी इस आदत की वजह से लेने के देने पड़ गए हैं. ‘पद्मावती’ में क्रूर शासक अल्लाउद्दीन खिलजी का रोल प्ले करने से रणवीर सिंह की मेंटल हेल्थ एफेक्ट हुई है, ये कैसे हुआ है, आइये जानते हैं.

रणवीर ने अल्लाउद्दीन खिलजी के किरदार में खुद को ढालने में ज़रूरत से ज्यादा मेहनत कर दी. तभी तो उन्हें मनोचिकित्सक की ज़रूरत पड़ गयी. आम तौर पर रणवीर फन लविंग पर्सनालिटी हैं, लेकिन अल्लाउद्दीन खिलजी बनने के लिए उन्होंने खुद को कई दिनों तक अपार्टमेंट में लॉक रखा था. ऐसा इसलिए ताकि वो अपने को इस किरदार के लिए तैयार कर सकें. अब किसी कैरक्टर की तैयारी ऐसे कौन करता है भला?


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फिल्म की शूटिंग भी लगभग एक साल से हो रही है. इसलिए उसी किरदार में इतने लंबे समय तक बने रहना मुश्किल था. इससे उनके व्यवहार में भी बदलाव आ गया. उनके दोस्तों ने उन्हें सलाह दी है कि इस समस्या से बाहर आने के लिए उन्हें मनोचिकित्सक की मदद लेनी चाहिए.

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सेट पर भी उनके व्यवहार की बहुत चर्चा हो रही थी. कभी-कभी वो डार्क मूड में रहते थे और चाहते थे कि कोई उनके आस-पास ना आए. ऐसे में मनोचिकित्सक के पास जाने का ही रास्ता बचा है. उन्होंने खुद को चियर करने के लिए एक लग्जरी कार भी खरीदी है. वो फिल्म के हर शेड्यूल के बाद हॉलीडे पर भी जाते थे.

इसके पहले ‘बाजीराव मस्तानी’ के लिए भी रणवीर ने कुछ ऐसी ही तैयारी की थी. फिल्म के तीसरे एक्ट की तैयारी में उन्होंने खुद को बीमार कर लिया था, क्योंकि उस एक्ट में पेशवा बाजीराव का कैरेक्टर बीमार रहता है.

रणवीर की ज़रूरत से ज्यादा डेडीकेशन का उदाहरण फिल्म लुटेरा’ के सेट पर भी देखने को मिला था, जब एक सीन में उनपर गोलियों की बारिश होनी थी. उनका शॉट परफेक्ट हो और रियल लगे, इसके लिए उन्होंने सच में एक-दो गोली तो खा ही ली थी.

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