समझ लिया गया था आतंकी

पर क्या आप जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था कि जब उन्हें आतंकवादी समझ लिया गया था। 28 साल के ऑलराउंडर परवेज रसूल टीम इंडिया के लिए खेलने वाले दूसरी कश्मीरी क्रिकेटर हैं। ग्रीनपार्क स्टेडियम में चल रहे दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट में उन्हें बेहतरीन शुरुआत मिली।


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रैना के पांच खिलाड़ी आउट

टीम इंडिया ग्रीन के लिए खेलने हुए उन्होंने सुरेश रैना की कप्तानी वाली टीम इंडिया ब्लू के पांच खिलाड़ियों को एक ही दिन में पवेलियन की राह दिखा दी। इससे पूरी टीम केवल 177 रन बनाकर एक ही दिन में सिमट गई। वह भी तब, जब ग्रीनपार्क सुरेश रैना का होम ग्राउंड है।

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खौफनाक यादें भी जुड़ी हुई

हालांकि, परवेज के साथ खौफनाक यादें भी जुड़ी हुई हैं। 2009 में सीके नायडू अंडर-22 टूर्नामेंट में खेल रहे परवेज रसूल को आतंकवादी समझ लिया गया था और पुलिस उन तक पहुंच गई थी। बेंगलुरु में चैम्पियंस लीग टी-20 टूर्नामेंट चल रहा था।

पुलिस ने घंटों की थी पूछताछ

उसी दौरान पुलिस को खबर मिली थी कि स्टेडियम के क्रिकेट एसोसिएशन कॉम्प्लेक्स में ठहरे कुछ क्रिकेटरों के बैग में विस्फोटक हैं। रसूल भी वहीं ठहरे थे। शक के आधार पर पुलिस ने कई घंटे परवेज रसूल से पूछताछ की थी। हालांकि, रसूल बेदाग साबित हुए थे।

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इसलिए भी आए थे विवाद में

इसके बाद जनवरी, 2017 में परवेज रसूल को टी-20 इंटरनेशनल मैच में पहली बार खेलने का मौका मिला। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टी-20 मैच के लिए इंडियन टीम में शामिल किया गया। तब राष्ट्रगान के दौरान परवेज का मैदान पर च्यूइंग गम चबाते वीडियो वायरल हुआ था।

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