लखनऊ: लखनऊ की पहचान माने जाने वाले लखनवी कवाब आज कल नहीं मिल रहे हैं । इस खबर से तो आप वाकिफ ही होंगे और दुखी भी होंगे, अगर ये कवाब आ रहें हैं आपको भी याद तो और परेशान मत होइए क्योंकि टुंडे कवाब के प्रेमी लखनऊ वालों ने खोज लिया है इस समस्या का समाधान। एक ऐसी जगह जहां आपको मिल जायेंगे उसी लखनवी स्वाद वाले कवाब और ये जगह है मुंबई में मोहम्मद अली रोड के जोगेश्वरी ब्रांच में जहां  आपको मिल जायेंगे लखनवी टुंडे कवाब।

लखनवी रेसिपी से बनाते हैं कवाब

जमकर लीजिये चिकन बिरयानी का मज़ा, जो स्वाद में है एकदम शुद्ध शाकाहारी

टुंडे कवाब की ये शाखा दिसम्बर 2015 में खुली है और यहाँ के संचालको का कहना है कि, ‘हम इसे बकरी के मीट से बनाते हैं लेकिन इसे लखनवी रेसिपी से ही बनाया जाता है.’ यहाँ के ये कवाब आपको 120 रुपये के चार मिलेंगे और साथ में आप मुगलई और अन्य तरह की वैराइटी के कवाब और डिशों का भी स्वाद आप यहाँ चख सकते हैं ।


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लखनऊ में  टुंडे कवाब बेचने वाले दुकानदार का कहना है कि “सौ साल के ज्यादा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि त्यौहार, शादी और मौत के लावा टुंडे कबाब की दुकान बंद हो” इसके साथ उन्होंने कहा “बाकि मीट की तुलना में बड़े के कबाब सस्ते हैं। मटन के कबाब के 4 पीस 80 रुपए के हैं तो वहीं बड़े के कबाब 40 रुपये में 4 मिलते हैं। इसे गरीब लोग आसानी से खरीद लेते हैं और कम दाम में पेट भर खा लेते हैं।”

लखनवी कवाब नवाबों की पसंद

लखनऊ के नवाबों को कबाब बड़े ही पसंद हुआ करते थे, लेकिन जैसे ही उनकी उम्र बढती गई और उनके दांत कमजोर होने लगे तब उन्‍होंने अपने खास बावर्ची से मुलायम कवाब बनाने की फर्माइश की, जिसे वे अपने बिना दांतों वाले मुंह से खा सकें।इसके बाद उनके शाही बावर्ची हाजी अली मुराद ने टुंडे कवाब को बनाया। गौरतलब है  कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ  के सीएम बन जाने के बाद से ही अवैध बूचडखानों को सील किया जा रहा है जिसके लते कवाब के लिए बड़े के मांस की आपूर्ति बंद हो गई है। अब  दुकानों पर सिर्फ चिकन और मटन ही बेचा जा रहा है। वो भी बढ़ी हुई कीमतों पर। आप की ही तरह टुंडे कवाब के शौकीनों लिए ये राहत और खुशी की खबर है तो उनके साथ जरूर बांटिएगा ।

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