बाबा जी कहा करते थे कि ऊंचाई पर बैठकर आदमी की बुद्धि कम हो जाती है. मुझे लगता था कि अगर थोड़ी बहुत कम होगी तो कोई बात नहीं, काम चला लेंगे. लेकिन ऊँचाई पर पहुचने के बाद लोगों की बुद्धि ही गायब हो जाती है ये आज जाना.

रेप केस का अनोखा फैसला

हुआ दरअसल ये कि इटली की एक कोर्ट में एक रेप केस में दोषियों को बाइज्ज़त बरी कर दिया गया. जज साहब ने आदेश सुनाया कि चूंकि महिला चिल्लाई नहीं इसलिए इसे बलात्कार नहीं कहा जा सकता है. वाकई ये रेप केस का अनोखा फैसला है, इसीलिए हर ओर इसकी निंदा हो रही है.

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शायद वो अपने आदेश में कहना चाह रहे थे कि महिला को अपने साथ एक टेप रिकॉर्डर रखना चाहिए था, और बलात्कार के समय जोर से चिल्लाना था. बाद में उस महिला को वो टेप अदालत को देना था कि आप इसे सुन लीजिये और फिर देखिये कि मैं चिल्लाई थी या नहीं. अदालत मान लेती कि हाँ बलात्कार हुआ है.

खैर जब महिला की कोर्ट ने नहीं सुनी तो इटली के क़ानून मंत्री सामने आये. फिलहाल उन्होंने कथित रूप से मामले की जांच करवाने के आदेश दिए हैं. इतालवी संवाद समिति एएनएसए ने कहा कि मंत्री आंद्रे ओलांर्दो ने मंत्रालय निरीक्षकों को इस मामले का निरीक्षण करने के आदेश दिया है.

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एएनएसए ने तुरिन की अदालत में सुनाये गये इस फैसले के बारे में बताया जिसमें कथित रूप से एक महिला का सहकर्मी को ‘बहुत हो चुका’ कहना बलात्कार के आरोप में अपर्याप्त सबूत माना गया है. अदालत का कहना है कि महिला द्वारा ये कहा जाना कमज़ोर प्रतिक्रिया है. साथ ही ये भी कहा गया कि वो महिला न तो चिल्लाई और न ही उसने किसी से मदद मांगी.

इटली में विपक्षी पार्टी के सांसद ने इस पर अपना विरोध दर्ज करवाया है. सांसद अन्नाग्रेजिया कलाब्रिया ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है. महिला समूहों ने भी इस फैसले की भर्त्सना की है.

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इस केस का निर्णय जो भी हो लेकिन जज साहब ने मुद्दा तो नया छेड़ ही दिया है. महिलाओं को अब ऐसी स्थिति में सारे काम छोड़ के बस एक काम करना सीखना है और वो है चिल्लाना.

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