होली आने वाली है और लोगों के मन में अबीर-गुलाल के रंग अभी से उड़ रहे हैं. हर त्योहार का अपना अलग मज़ा है और उसमें भी होली के क्या कहने. होली से याद आया, ब्रज की होली बहुत प्रसिद्द है, उसमें भी  लट्ठ मार होली की धूम ही अलग है. लोग इसका जम के मज़ा लूटते हैं. वैसे ही लड्डू होली का भी लोग यहाँ खूब लुत्फ़ उठाते हैं. रविवार को श्रीजी मंदिर में लड्डू होली का बड़ा ही विहंगम दृश्य था.

वैलेंटाइन डे स्पेशल : पढ़िए सावंत सिंह और रसीक की बनी-ठनी प्रेम कहानी

ब्रज की होली में बरसे लड्डू

सभी को तो बस मंदिर के पट खुलने का इंतज़ार था. गेट पर इतनी भीड़ थी, मानो मेला उमड़ आया हो. जैसे ही मंदिर के पट खुले, लोग रासेश्वरी के संग होली खेलने के लिए दौड़ पड़े. राधे का जयकारा लगाता हुआ रेला मंदिर में पहुंचा और श्यामा जू को गुलाल अर्पण करने का सिलसिला शुरू हो गया.


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


धोती बगलबंदी में नंदगांव का पाड़ा फाग की स्वीकृति के साथ मंदिर में पहुंच गया. गोस्वामियों ने उसका अबीर और गुलाल के संग-संग लड्डुओं से स्वागत किया. मजीरा, ढप और झांझ के साथ लोगों के स्वर एक साथ गुंजायमान हो गये.

नंदग्राम कौ पाड़ा ब्रज बरसाने आयो…

इन स्वर लहरियों के बीच पाड़ा ठुमुक-ठुमुक नाचने लगा और लड्डू लुटाने लगा. लोग भी मस्ती में झूमने लगे. हर किसी के चेहरे पर आनंद का भाव दिखायी दे रहा था. सभी राधा रानी के इन लड्डुओं का प्रसाद लेने को आतुर दिखाई पड़ रहे थे. दुनिया के सारे रस इसके आगे फीके नज़र आ रहे थे. हर ओर बस आनंद ही आनंद बरस रहा था. अब नौ दिन तक इसी तरह होली का उल्लास पूरे ब्रज में बरसेगा.

रविवार से होलिकाष्टक लगने के साथ पूरे ब्रज में मस्ती का दौर शुरू हो गया है.

अजीबोगरीब फतवों की सूची : अब कहा भूख़ा पुरुष पत्‍नी को खा सकता है

5 मार्च को बरसाना में लड्डू होली के साथ होली की शुरुआत हो गयी है. 6 तारीख को बरसाने में लट्ठ मार होली होगी. इसके बाद 7 मार्च को नंदगांव में लट्ठ मार होली खेली जाएगी.

8 मार्च को रंग भरनी एकादशी, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश और बिहारीजी मंदिर में होली खेली जाएगी.

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...