वाशिंगटन: अमेरिका ने साल 2017 में दुनिया में बड़ी परेशानी पैदा करने वाले ‘नोटपेट्या साइबर हमले’ का आरोप रूस पर लगाते हुए चेतावनी दी है कि उसे इसके लिए ‘अंतरराष्ट्रीय परिणाम’ झेलने होंगे। यह साइबर हमला वैश्विक स्तर पर फैलने से पहले यूक्रेन और रूस में शुरू हुआ था। इसकी वजह से हजारों कंप्यूटर, खास तौर पर मल्टीनेशनल कंपनियाa और बुनियादी सुविधाओं वाले प्रतिष्ठान प्रभावित हुए थे। हालांकि क्रेमलिन ने इस आरोप से इंकार किया है।

साइबर

व्हाइट हाउस ने संक्षिप्त रूप से जारी बयान में कहा, “ जून, 2017 में रूसी सेना ने इतिहास के सबसे विध्वंसक और नुकसानदायक साइबर की हमले की शुरुआत की थी।” बयान में कहा गया है, “ यह एक अंधाधुंध और अविवेकपूर्ण हमला था। इसके अंतरराष्ट्रीय परिणाम झेलने होंगे।”


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वहीं हैकिंग के एक अन्य मामले में न्यूजर्सी के अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज जेरोम सिमांडले ने दो रूसी हैकर्स व्लादिमिर द्रिंकमान (37) और दमित्री स्मिलिआनेतस को सजा सुनायी है। अदालत ने व्लादिमिर द्रिंकमान को 12 साल जबकि दमित्री स्मिलिआनेतस को चार साल कैद की सजा सुनायी है। इन दोनों ने ही हैकिंग कर सूचनाएं चुराने का अपराध स्वीकार किया था।

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