का करूं सजनी आए न बालम… याद है न। हां, वही जिसे येसुदास ने आवाज दी है। तो बात गाने-बजाने की नहीं, आस्था की है। वही केजे येसुदास अब श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर में जाकर पूजा-पाठ कर सकेंगे। इसके पहले ईसाई होने के नाते उन्हें यह अनुमति नहीं थी।

जन्म से ईसाई हैं केजे येसुदास

जन्म से ईसाई दिग्गज गायक केजे येसुदास को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित सदियों पुराने श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर में पूजा-पाठ करने की इजाजत मंगलवार को दी गई। मंदिर के प्रबंधन के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासनिक समिति की एक विशेष बैठक में यह मंजूरी दी गई।


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गैर हिंदुओं के मंदिर में जाने पर रोक

बताते चलें कि इस मंदिर में गैर हिंदुओं के जाने पर रोक है। मंदिर के कार्यकारी अधिकारी वी रतीसन ने बताया कि सर्वसम्मति से येसुदास के आग्रह को स्वीकार करने का फैसला किया गया है। हम मंदिर समिति के निर्णय से अवगत कराएंगे और यह उन पर है कि कब वह मंदिर आते हैं।

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कई मंदिरों में जाने से रोके गए

पद्म भूषण से सम्मानित येसुदास रोमन कैथोलिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पूर्व में, उन्हें गैर हिंदू होने के कारण त्रिसूर जिले के गुरुवायुर में प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर और मलप्पुरम के कदमपूजा देवी मंदिर में प्रवेश देने से मना कर दिया गया था।

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इन मंदिरों में करते रहे हैं पूजा-पाठ

दूसरी ओर, येसुदास केरल के पतनमथित्ता जिले के सबरीमाला स्थित अय्यप्पा मंदिर और कर्नाटक के कोल्लूर के मूकाम्बिका मंदिर में पूजा अर्चना के लिए अक्सर जाते हैं। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं की स्तुति में कई भजन भी गाए हैं।

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