जैसे हर मौसम का मजा होता है, वैसे ही चुनावी मौसम का भी अपना मजा है. अब गुजरात चुनाव को ही ले लीजिये. भले गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान न हुआ हो, लेकिन चुनावी मौसम का जायका आपको मिल जाएगा. हाल ही में इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने एक ओपिनियन पोल कराया है. इस ओपिनियन पोल के आंकड़े जो इशारे कर रहे हैं वो कमाल के हैं.

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गुजरात विधानसभा चुनाव


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दरअसल इस चुनावी सर्वे में ये बात सामने निकलकर आई है कि गुजरात में जीएसटी, नोटबंदी के बाद व्यापारियों का आंदोलन और पाटीदार-ठाकोर-ओबीसी-दलित भले मोदी सरकार से नाराज़ हों, लेकिन पीएम मोदी पर उनका भरोसा अब भी कायम है.

इसीलिए 182 सीटों पर कराये गए इस सर्वे में भाजपा को 115 से 125 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं. वहीँ मुख्य विपक्षी कांग्रेस के खाते में 55 से 65 सीटें आ रही हैं. यानी ओपिनियन पोल से साफ़ है कि अमित शाह और मोदी की जोड़ी को अपने गृह राज्य में कांग्रेस और तीन युवा पाटीदार नेताओं कोई ख़तरा नहीं है. इनकी रैलियों में उमड़ती भीड़ से कोई फर्क पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है.

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गुजरात में किसका कितना वोट प्रतिशत

कांग्रेस+अल्पेश ठाकोर+जिग्नेश मेवानी: 38%

हार्दिक पटेल: 2%

भाजपा: 48%

अन्य( वाघेला+आप): 12%

किसे कितनी सीट मिलने की संभावना

भाजपा: 115-125 सीट

कांग्रेस+अल्पेश ठाकोर+जिग्नेश मेवानी: 57-65 सीट

अन्य( वाघेला+आप): 0-3

हार्दिक पटेल: 0

दूसरी स्थिति में संभावना

हार्दिक पटेल आधिकारिक तौर पर अगर कांग्रेस के साथ आ जाएँ तो इस स्थिति में कुछ बदलाव दिखेगा. ओपिनियन पोल के अनुसार ये बदलाव भी कांग्रेस को सत्ता तक नहीं पहुंचा रहा है. हार्दिक के समर्थन के बाद कांग्रेस का वोट शेयर 38 प्रतिशत से बढ़कर 40 हो जाएगा. ऐसी स्थिति में कांग्रेस को 5 से 10 सीटों का फायदा होगा और इतनी ही सीटों का नुकसान भाजपा को झेलना होगा.

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मोदी बनाम मोदी

इस पूरे चुनाव पर अगर नज़र डालें तो पीएम मोदी की राह में खुद पीएम मोदी ही रोड़ा बन सकते हैं. दरअसल सर्वे में एक बात जो खुलकर सामने आई है वो ये है कि मोदी सरकार के कई फैसलों से गुजरात की जनता खुश नहीं है. यही एक बात इस चुनाव में भाजपा को भारी पड़ सकती है.  नोटबंदी और जीएसटी दो ऐसे विषय हैं जिस पर लोग सबसे ज़्यादा नाखुश दिखाई दिए हैं. यानी अगर गुजरात चुनाव में पीएम मोदी को कोई हरा सकता है तो वो खुद पीएम मोदी होंगे.

जीएसटी पर गुजरात

संतुष्ट: 38 प्रतिशत

असंतुष्ट: 51 प्रतिशत

कोई राय नहीं: 11 प्रतिशत

नोटबंदी पर गुजरात

संतुष्ट: 44 प्रतिशत

असंतुष्ट: 33 प्रतिशत

कोई राय नहीं: 3 प्रतिशत

पीएम मोदी अपने भाषणों में 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की बात कहते हैं. लेकिन उनके इस वादे के साथ गुजरात के किसान नहीं हैं.

संतुष्ट: 38 प्रतिशत

असंतुष्ट: 49 प्रतिशत

कोई विचार नहीं: 4 प्रतिशत

बेहद गुस्सा- 7 प्रतिशत

ज़्यादा गुस्सा नहीं: 2 प्रतिशत

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार की तारीफ़ की. लेकिन महंगाई पर काबू पाने की उनकी राय से गुजरात की राय इतर है. इसके अलावा रोजगार पर भी गुजरात नाराज़ है. गुजरात चुनाव पर ये मुद्दे असर डालेंगे.

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महंगाई-31 प्रतिशत

रोजगार-24 प्रतिशत

विकास-16 प्रतिशत

सड़क-9 प्रतिशत

पानी-6 प्रतिशत

कृषि- 4 प्रतिशत

बिजली-3 प्रतिशत

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