हनीप्रीत 25 अगस्त के बाद से किसी को दिखाई नहीं दी. बाबा की चहेती हनीप्रीत के खिलाफ हरियाणा पुलिस द्वारा लुक आउट नोटिस जारी किया गया. तब से अब तक हनीप्रीत की तलाश में सुरक्षा तंत्र ने हाथ पाँव तो बहुत मारे, लेकिन हनीप्रीत फिर भी नहीं मिली. कभी उसके बारे में कहा गया कि राजस्थान  में है तो कभी मुंबई में होने की आशंका बताई गयी. इसके अलावा उसके नेपाल निकल जाने की सूचना ने तो जैसे लोगों को बड़ी खबर दिला दी. लेकिन सच इस सबसे कही दूर है.

हनीप्रीत को नहीं रहा बाबा का सहारा तो हाईकोर्ट में ली शरण

बाबा की चहेती हनीप्रीत


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हनीप्रीत का छुपन छुपाई का खेल ख़त्म हो रहा है. हनीप्रीत वापस आ रही है. एक शक ये भी किया जा रहा था कि बाबा उसे मरवा देगा. फिर भी बाबा की हनी लौट आई है क्योंकि इसके पीछे की वजह बड़ी है.

दरअसल हनीप्रीत भी इस बात को समझ चुकी है कि उसका बचना नामुमकिन है. दूसरी बात पकड़े जाने पर उसकी आरती तो उतारी नहीं जायेगी. डेरे का ख्वाब बाबा के जेल जाने के साथ ही टूट चुका है. अब बस ज़रूरी था तो वो ऑप्शन चुनना जिससे अपने बचने का कोई रास्ता निकाला जा सके.

पंचकुला पुलिस के दबाव को हनीप्रीत भी समझ रही है. इसीलिए शायद उसने भी बाबा के खिलाफ गवाही देने का मन बना लिया है. वरना सरेंडर करने के लिए तीन हफ्ते मांगने की कोई दूसरी वजह नहीं है. उसका कहना भी है कि वह जांच में हर तरह से सहयोग को तैयार है. यानी हनीप्रीत जांच में सहयोग के लिए सरकारी गवाह भी बन सकती है और राम रहीम के गले का फंदा कसने में मदद कर सकती है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी हनीप्रीत को बेल देने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

हनीप्रीत के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी है, फिर भी हनीप्रीत दिल्ली में अपने वकील प्रदीप आर्या के ऑफिस तक पहुँच गयी. इसके बाद दूसरे ही दिन हरियाणा पुलिस खुद दिल्ली पहुँच गयी और दूसरे दिन मंगलवार सुबह दिल्ली स्थित ग्रेटर कैलाश में डेरे के आश्रम पर छापा मारा. हनीप्रीत यहाँ भी नहीं मिली.

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आख़िरकार मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हनीप्रीत ने अपने वकील के ज़रिये कोर्ट के सामने कहा है कि उसे सरेंडर करने के लिए तीन हफ्ते की मोहलत मांगी है. सरेंडर करने की वजह शायद एक यही हो कि हनीप्रीत सरकारी गवाह बनकर अपनी सुरक्षा करने की कोशिश करे. ऐसी दशा में राम रहीम के बुरे दिन आने तय हैं.

इससे पहले हनीप्रीत को न जाने कहाँ खोजा गया. बगल में छोरा, शहर में ढिंढोरा… कहावत तो आपने सुनी होगी. कुछ यही हाल हनीप्रीत का भी है. जिस हनीप्रीत की तलाश देश के कई शहरों से लेकर नेपाल तक जारी है. किन वो हनीप्रीत सरकार की नाक के नीचे यानी दिल्ली में बैठी है. ये चौंकाने वाला खुलासा खुद हनीप्रीत के वकील ने किया है.

हनीप्रीत को नहीं रहा बाबा का सहारा तो हाईकोर्ट में ली शरण

हनीप्रीत की तलाश में नेपाल तक दौड़े

हनीप्रीत की तलाश

दरअसल हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्या ने दावा किया है कि हनीप्रीत सोमवार को दिल्ली में ही थी. वकील ने ये भी जानकारी दी कि हनीप्रीत सोमवार को उसके ऑफिस आई थी. प्रदीप का ये ऑफिस दिल्ली के लाजपत नगर में है, जहाँ हनीप्रीत सोमवार की दोपहर आई थी.

हनीप्रीत के दिल्ली में होने का पता इस बात से भी चलता है कि सोमवार को ही दिल्ली हाई कोर्ट में हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका लगाईं गई है. ये याचिका हनीप्रीत के नाम से नहीं, बल्कि प्रियंका तनेजा के नाम से लगाई गई है.

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वकील का दावा है कि सुरक्षा कारणों की वजह से हनीप्रीत सामने नहीं आ रही है. उसकी जान को ख़तरा है. हनीप्रीत का कहना है कि ड्रग माफियाओं से उसे अपनी जान का खतरा है.

हनीप्रीत की याचिका अगर कोर्ट एक्सेप्ट करता है, तो ये भी मुमकिन है कि कुछ दिन में ही उसे ट्रांजिट बेल दिल्ली हाईकोर्ट से मिल जाए और फिर याचिका को हरियाणा पंजाब हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दे. फिलहाल तो हाईकोर्ट ने हनीप्रीत की अग्रिम जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

इसके अलावा ये भी मुमकिन है कि हाईकोर्ट पुलिस के सामने हनीप्रीत को सरेंडर करने का आदेश दे. फिर उसके बाद रेगुलर बेल लगाने का आदेश दे. पूरे मामले में मंगलवार का दिन हनीप्रीत के लिए बेहद अहम है. आज का दिन हनीप्रीत के लिए कुछ राहत भी ला सकता है.

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