आधार कार्ड बनवाना हो या पैन कार्ड…या फिर पासपोर्ट, आम आदमी को नाकों चने चबाने पड़ते हैं। इसे व्यवस्था में छेद कहें या अनदेखी या कुछ और, आम आदमी कितना भी परेशान रहे, आतंकियों को यह सारी चीजें बड़ी आसानी से मुहैया हो जाती हैं।

छात्र बनकर रह रहा था आतंकी

नया खुलासा बिहार से जुड़ा है। लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य शेख अब्दुल नई न केवल दो साल बिहार के गोपालगंज जिले में छात्र बनकर रहा, बल्कि अपने नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट तक बनवा लिए। इसका खुलासा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने किया है।

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सुहैल खान के नाम से रहता था

यही नहीं, नईम ने एमए की डिग्री भी हासिल कर ली। मूलतः महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला 37 साल का नईम गोपालगंज के पुराने चौक क्षेत्र में सुहैल खान के नाम से रहता था।

बनारस से किया गया गिरफ्तार

आरोप है कि वह मुस्लिम युवाओं को आतंकी संगठन से जोड़ता था और बिहार में आतंकी संगठन के लिए स्लीपर सेल बना रहा था। एनआईए ने नईम को 28 नवंबर को बनारस से गिरफ्तार किया है।

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साथी भी बिहार से पकड़ा गया

नईम से पूछताछ में मिली सूचना के आधार पर एनआईए ने लश्कर के एक और संदिग्ध सदस्य बेदार बख्त को दो दिसंबर को गोपालगंज से गिरफ्तार कर लिया। तीन साल पहले तक बेदार भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का जिला सचिव था।

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