मुंबई: र्विजन समूह ने आज महाराष्ट्र सरकार के साथ मुंबई और पुणे के बीच पहली हाइपरलूप परिवहन प्रणाली के निर्माण के लिए ‘आशय पत्र’ पर दस्तखत किए हैं। इससे दोनों बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर 20 मिनट रह जाएगा। यह अभी तीन घंटे है। पहला हाइपरलूप मार्ग मध्य पुणे को वृहद महानगर के अलावा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी जोड़ेगा। इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी। र्विजन समूह के चेयरमैन रिचर्ड ब्रैन्सन ने मैग्नेटिक महाराष्ट्र निवेशक सम्मेलन के पहले दिन कहा, ‘‘हमने महाराष्ट्र के साथ मुंबई और पुणे के बीच र्विजन हाइपरलूप के निर्माण के लिए करार किया है। इसकी शुरुआत क्षेत्र में परीक्षण के तौर पर ट्रैक बनाने के साथ होगी।

हाइपरलूप परिवहन प्रणाली

उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के गेट पर आसान पहुंच के जरिए हम हर साल 15 करोड़ यात्रियों को लेकर जा सकेंगे। ब्रैन्सन ने कहा कि इस प्रस्तावित हाइपरलूप परिवहन प्रणाली से पूरी परिवहन प्रणाली में बदलाव आएगा और महाराष्ट्र इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उदाहरण होगा। उन्होंने दावा किया कि इससे हजारों रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। इस परियोजना का सामाजिक आॢथक लाभ 55 अरब डॉलर का होगा। अभी इस परियोजना का ब्योरा मसलन लागत और समयसीमा की घोषणा नहीं की गई है। हाइपरलूप मार्ग में पूरी तरह इलेक्ट्रिक प्रणाली होगी और इसमें प्रति घंटे 1,000 किलोमीटर तक दौडऩे की क्षमता होगी। यह प्रस्तावित परियोजना छह महीने के गहन व्यवहार्यता अध्ययन के बाद शुरू होगी।

मुंबई दुनिया के सबसे अमीर शहरों में शामिल, इन शहरों से निकला आगे

बता दें कि हाइपरलूप ट्रेन ट्रांसपोर्ट की सबसे अद्यतन तकनीक है। इसमें चुंबकीय शक्ति का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल यह बहुराष्ट्रीय कंपनी टेस्ला के संस्थापक एलन मस्क का सपना है। हाइपर लूप को चलाने के लिए कई देशों में प्रयोग हो रहे हैं। इस तकनीक के तहत खंभों के ऊपर पारदर्शी ट्यूब बनाई जाती है। इसके भारत बुलेट जैसी बोगी हवा में तैरते हुए सफर करती है। इस ट्रांसपोर्ट में घर्षण बहुत कम होता है।

ये भी देखिए…

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...