ऊपर वाला जब भी देता..देता छप्‍पर फाड़ के…है तो यह एक गाने की चंद पंक्तियां लेकिन यह बात भी एकदम सच है कि ऊपर वाला जिस पर मेहरबान हो जाये फिर देखो किस्‍मत कैसी पलटी मारती है।

किसी को थपड़ियाने की सज़ा : तीन दिन तिहाड़, फिर पार्टी प्रवक्ता

आज हम बात कुछ ऐसे ही स्‍टूडेंटस की करने जा रहे हैं जिन पर सच में खुदा मेहरबान हो गया। यह स्‍टूडेंटस न्यूयॉर्क के है। हुआ यूं कि न्यूयॉर्क में पढ़ने वाले तीन छात्रों ने एक पुराना सैकेंड हैंड सोफा खरीदा। वो भी मात्र 1300 रुपए में। 1300 रुपए के इस सोफे ने चंद मिनटों में इन तीनों छात्रों को लखपति बना दिया।


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


दरअसल हुआ यूं कि न्यूयॉर्क के पाल्टज स्थित स्टेट यूनिवसिर्टी में पढ़ने वाले तीन छात्रों रीसे वेरखोवै, कॉली गास्टी और लारा रुस्सो ने न्यूयॉर्क में एक फ्लैट किराए पर लिया। इन्होंने फ्लैट के लिए कुछ पुराना फर्नीचर खरीदा। तीनों छात्रों ने 1300 रुपए में एक पुराना सोफा खरीदा। उन्होंने इस पुराने सोफे को घर में लगा दिया।

जब तीनों छात्र सोफे पर बैठकर बात कर रहे थे तो उन्हें सोफे की गद्दी के नीचे कुछ महसूस हुआ। जब उन्होंने सोफे की गद्दी को उठाकर देखा तो उन्हें वहां एक लिफाफा मिला। लिफाफा खोलकर देखा तो उनकी आंखे फटी की फटी रह गई। लिफाफे में 46000 रुपए रखे थे।
इसके बाद उन्होंने सोफे के और गद्दे हटाए तो उन्हें इस तरह के कई लिफाफे मिले। तीनों छात्रों को उस पुराने सोफे में से कुल 26 लाख 25 हजार रुपए मिले। लेकिन इतने रुपए मिलने पर भी उनकी नियत बिगडी़ नहीं।

तीनों छात्रों ने फैसला किया कि जिस किसी के भी यह पैसे है हम उसे वापस लौटाएंगे।

लेकिन समस्या यह थी कि सोफे के मालिक को ढूंढा कैसे जाए क्‍योंकि लिफाफों पर भी किसी का नाम पता नहीं था। इस पर तीनों छात्र उसके पास गए जिससे उन्होनें यह पुराना सोफा खरीदा था। उसने छात्रों को बताया कि यह सोफा एक बुजुर्ग महिला का था। उस महिला के बेटे बहु ने नए पलंग के लिए उस सोफे को एक्सचेंज किया था।

जिस महिला का यह सोफा था, उसके पति की 30 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। महिला का पति उसे हर हफ्ते कुछ पैसे देता था, जिन्हें वह लिफाफे में बंद कर उस सोफे में छिपा देती थी। पति की मौत के बाद महिला एक फूलों की दुकान में काम करती थी और अपनी बचत को भी इसी सोफे में छिपाकर रखती थी।

धत पगली! सेल्फी के लिए ‘हमर’ पीछे दौड़ी, बता देती हम खुद ही आ जाते

उन तीनों छात्रों ने यह पैसे लौटाकर उतनी खुशी पा ली जितनी इन पैसों को खर्च करने पर भी न मिलती।

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...