भई! मारपीट के किस्से तो बहुत सुने होंगे और उनमें लोगों को 323, 504 और 506 के अंतर्गत मारपीट के मुक़दमे भी दर्ज होते हुए देखे होंगे. लेकिन क्या आपने कभी किसी को मारपीट के बदले प्रवक्ता बनते देखा है? नहीं न ? कोई बात नहीं. अपने तेजिंदर बाबू को भाजपा ने अपना प्रवक्ता नियुक्त किया है.

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तिहाड़ से प्रवक्ता तक

ये वही तेजिंदर पाल सिंह बग्गा हैं, जिन्होंने साल 2012 में सुप्रीमकोर्ट के चैम्बर में घुसकर प्रशांत भूषण को धोया था. बेचारे बग्गा को तीन दिन तिहाड़ की हवा भी खानी पड़ी थी. लेकिन इसका फल प्रवक्ता के रूप में मिलेगा, ये नहीं सोचा होगा.

दिल्ली का प्रवक्ता बनाये जाने की जानकारी खुद बग्गा ने अपने ट्विटर हैंडल से दी है. इसके लिए उन्होंने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का शुक्रिया अदा किया है. उनके प्रवक्ता बनने पर उन्हें रेलमंत्री सुरेश प्रभु समेत तमाम भाजपा नेताओं ने बधाई दी है.

बग्गा इससे पहले भी भाजपा के सदस्य थे. लेकिन उन्होंने ये कहते हुए भाजपा छोड़ दी थी कि,’किसी पार्टी के साथ रहकर आप राष्ट्रविरोधियों से नहीं लड़ सकते. हर काम के लिए आपको पार्टी से अनुमति लेनी पड़ती है, जो कि संभव नहीं है.’ बेचारे प्रशांत को जब भी सपने में बग्गा दिखते होंगे तो वो जागकर कहते होंगे,’ना जी ! मुझे नहीं कराना कश्मीर में जनमत संग्रह.’

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बीजेपी छोड़कर बग्गा ने भगत सिंह सिंह क्रांति सेना बनाई थी. जिसको चाह उसको गियर में लिया था. सानिया मिर्ज़ा को शोएब मालिक से शादी करने पर धमकी दी थी. अलगाववादी नेता सैय्यद शाह गिलानी को भी गीला और पीला करने की उनकी मंशा उन्होंने बातों से ज़ाहिर की थी.

अरुंधती राय की ‘ब्रोकन रिपब्लिक’ को ब्रेक करने की भी बात कही थी. स्वामी अग्निवेश का भी आवेश चेक करने की फिराक में थे बग्गा साहब.

लेकिन अब इन सबकी ज़रुरत उन्हें नहीं पड़ेगी, अब तो वे प्रवक्ता हो गये हैं. किसी को भी गरियाने का लाइसेंस अब उनको आधिकारिक रूप से मिल गया है. लेकिन अब मुसीबत केजरीवाल जी की बढ़ सकती है, क्योंकि दिल्ली के प्रवक्ता जो नियुक्त किये गये हैं.

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केजरीवाल जी भी मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालने के आदी हैं. अब बग्गा नामक मधुमक्खी उनका शिकार कर पाती है या नहीं ये तो वक़्त के गर्भ में छिपा हुआ है. तब तक हम और आप मिलकर इंतज़ार करते हैं. आगे क्या होगा पता चल ही जाएगा.

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