आज के दौर में आप अकसर सुनते होंगे कि इंसानियत की मिसाल खत्म होती जा रही है। सामाजिक भेदभाव, लालच, ईर्ष्‍या अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। अखबार के पन्ने हों या टीवी चैनल, रोज सुबह खत्म होती इंसानियत की घटनाओं से पटे मिलते हैं। लेकिन इंसानियत पूरी तरह खत्म न हुई है, न होगी। बस उम्मीद बनाए रखिए।

इंसानियत की मिसाल

इन उम्मीदों से जुड़ी एक घटना हाल में सामने आई है। तमिलनाडु में ऊटी के जंगलों में हाथी का बच्चा अपनी मां से बिछड़ गया। फॉरेस्ट रेंजर्स को जैसे ही इस बारे में पता चला, वह बच्चे के पास पहुंचे।


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हाथी का यह बच्चा एक दलदली नहर में फंस गया था और शायद इसी कारण अपनी मां से दूर हो गया। रेंजर्स को मादा हाथी की जानकारी मिल गई, तो उन्होंने बच्चे को उसकी मां के पास पहुंचाने का फैसला किया।

इंसानियत की मिसाल

हाथी के बच्चे को दलदली नहर से निकालने की कोशिशें हुईं। फॉरेस्ट रेंजर्स को सफलता तो मिली, लेकिन इस दौरान अपने पास इंसानों को देखकर हाथी का बच्चा सहम गया था। वह आगे बढ़ने को तैयार ही नहीं था।

इस बीच पता चला कि बच्चे की मां उसे खोजते हुए दूर होती रही है। इसके बाद फॉरेस्ट रेंजर्स को हैरानी भरा फैसला लिया। उन्होंने हाथी के बच्चे को अपने कंधे पर उठाया और दौड़ते हुए उसकी मां के पास ले गए।

हाथी का बच्चा भी भारी भरकम होता है। लेकिन इन फॉरेस्ट रेंजर्स की दाद देनी होगी। उन्होंने बिना वक्त गवाएं बच्चे को उसकी मां तक पहुंचा ही दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

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