हाईकोर्ट में रोहिणी स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के वकील अनमोल कोंकर्णी के इस तर्क कि ‘नारी नर्क का द्वार है’ पर जमकर हंगामा हुआ. मामले की सुनवाई कर रहीं एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने वकील को डांटते हुए कहा ‘चुप रहिए! जरा जबान संभाल कर बोलिए. ये कोर्ट है, आपकी आध्यात्मिक क्लास नहीं जहां आप प्रवचन दे रहें हैं.’ इसके अलावा बेंच ने बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के सेंटर्स पर विश्वविद्यालय लिखे होने पर भी कड़ा एतराज जताया. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने वीरेंद्र देव को 4 जनवरी तक पेश करने अादेश दिए थे, लेकिन बाबा अब तक फरार है.

वकील अनमोल कोंकर्णी

बाबा के वकील पर कोर्ट रूम में मौजूद दिल्ली वुमन कमीशन की प्रेसिंडेंट स्वाति मालीवाल और दूसरे पक्षों के वकील भड़क गए. हंगामा होता देख बेंच ने वकीलों और बाबा के सपोर्टर्स को कोर्ट रूम से बाहर कर दिया. बाहर भी उनकी खूब बहस हुई. एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी. हरिशंकर की बेंच अब मामले की अगली सुनवाई 8 फरवरी को करेगी.


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कोर्ट में बाबा के बारे में पूछने पर सवाल-जवाब?

चीफ जस्टिस: (सीबीआई के वकील से) बाबा कहां है, उसका कुछ पता चला क्या?

सीबीआई: बाबा के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है. वो अंडरग्राउंड है, लेकिन उनके सभी आश्रम सर्विलांस पर है.

आश्रम के वकील: हमें नहीं पता बाबा कहां हैं. वह लंबे समय से रोहिणी आश्रम नहीं आए. वह हमारे कॉन्टेक्ट में नहीं हैं.

सीबीआई: बाबा के रोहिणी सेंटर के लोग बाबा की तलाश में किसी तरह से कॉपरेट नहीं कर रहे हैं.

पिटिशनर के वकील (शलभ गुप्ता): कई राज्यों में बाबा के 168 सेंटर्स के पते दिए गए, लेकिन उनमें 55 गलत निकले.

जज: क्या आपका गुरू कानून से ऊपर है?

जज: जांच एजेंसियां अलग अलग राज्यों में संबंधित कोर्ट से कानूनी आदेश लेने के लिए आजाद हैं. (नाराजगी जाहिर करते हुए) यह बाबा के सभी सेंटर या आश्रम में आध्यत्मिक विश्वविद्यालय क्यों लिखा जाता है. जबकि, पता चला है कि यह यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त नहीं हैं.

आश्रम के वकील: हम अपने गुरु के कहने पर यूनिवर्सिटी शब्द का इस्तेमाल करते हैं.

जज: क्या आपका गुरु कानून से ऊपर है. कोई भी इंस्टीट्यूट बिना मान्यता के यूनिवर्सिटी का दर्जा हासिल नहीं कर सकता. ये गैर कानूनी है.

सीबीआई: हमें 1 माह का वक्त और दिया जाए.

जज: (सीबीआई से) 2 दिन में बाबा के सभी आश्रम का पूरा पता पेश करें.

जज: आश्रम में लड़कियों और महिलाओं को बंधक बनाकर क्यों रखा जाता है?

आश्रम के वकील: शंकराचार्य ने कहा है कि नारी नर्क का द्वार है.

एक्टिंग चीफ जस्टिस: (गुस्से में वकील को डांटते हुए) आप चुप रहिए, जरा जबान संभाल कर बोलिए यह कोर्ट है आपकी आध्यात्मिक क्लास नहीं जहां प्रवचन दे रहें हैं. आप किस युग में जी रहे हैं.

दिल्ली वुमन कमीशन की प्रेसिंडेंट स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘बाबा वीरेंद्र देव के देश भर के सारे आश्रम बंद होने चाहिए. ये आश्रम नहीं महिलाओं और बच्चियों को सजा देने, उनका एक्सप्लॉयटेशन करने के अड्डे हैं. जो नारी को नर्क का द्वार बताते हैं, उनको क्या उनके बाप ने 9 महीने पेट में रखा था? जो अपनी मां का सम्मान नहीं करते, वो क्या शिक्षा देंगे.’

वीरेंद्र देव दीक्षित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से चलाए जाने वाले आश्रमों का फाउंडर है. उसके दिल्ली के रोहिणी और राजस्थान में कई आश्रमों पर छापेमारी हो चुकी है. जिसमें 125 नाबालिग लड़कियों और महिलाओं को छुड़ाया जा चुका है. एक एनजीओ ने इन्हें कैद करने का आरोप लगाया था.

वीरेंद्र देव के अमेरिका, राजस्थान, यूपी, हरियाणा और दिल्ली में करीब 200 आश्रम बताए गए हैं, जिनमें से 8 राजधानी में हैं. इनका पता जांच एजेंसियां लगा रही हैं. बाबा से जुड़े लोगों की मानें तो वह अपने प्रवचनों में अक्सर कहता था कि दुनिया 2066 में खत्म हो जाएगी. मैं राम का अवतार हूं. आप मेरी पूजा करो और अपना तन-मन-धन मुझे अर्पित करो.

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