महाशिवरात्रि पर लोगों ने भगवान शिव की पूजा अर्चना की, ताकि उनके जीवन से संकट दूर हो जाएं, लेकिन केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की शिव पूजा देवबंदी उलमा को नहीं भाई. यूपी के सहारनपुर में मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने नकवी पर निशाना साधते हुए कहा कि नकवी दिल पर हाध रखकर बताएं कि वे अल्लाह को क्या जवाब देंगे.

नकवी की शिव पूजा

मौलाना ने ये भी कहा कि हिन्दू बिना नमाज पढ़े और मुस्लिम बिना मंदिर जाए भी भाईचारे और सद्भाव से रह सकते हैं. केंद्रीय मंत्री नकवी द्वारा शिवलिंग पर दूध चढ़ाए जाने को मौलाना ने गलत करार दिया. मौलाना ने कहा कि हमारे नबी ने कहा है कि जो व्यक्ति जिस धर्म की पूजा करेगा, वह उसी का हो जाएगा.


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मुख्तार अब्बास नकवी पर निशाना साधते हुए मौलाना ने कहा, नकवी दिल में कुछ रखते हैं और करते कुछ हैं. उन्होंने सवाल पूछने के लहजे में कहा, ‘क्या इस तरह से नकवी अमन-चैन और भाईचारा कायम करेंगे?’

मौलाना ने कहा, ‘आपस में प्यार बढ़ाने के लिए जरूरी है कि बिना किसी के धर्म में दखल दिए उसके साथ हमदर्दी रखी जाए. नकवी की शिव पूजा इस्लाम के खिलाफ है’

दरअसल, केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर के रठोंडा में बागेश्वर शिव मंदिर में शिवलिंग पर दूध चढ़ाया था. वे रठोंडा में महाशिवरात्रि पर आयोजित किए गए किसान मेले में शामिल होने पहुंचे थे. मंदिर में पूजा करने और किसानों के सम्मेलन में शामिल होने की तस्वीरें उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से साझा की थीं. जिसके बाद उनकी शिव पूजा करने वाली तस्वीरें वायरल हो गईं.

किसानों को संबोधित करते हुए नकवी ने ट्वीट में लिखा था, ‘महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह मेला भारत की संस्कृति और सद्भाव की सांझी विरासत का प्रतीक है.’ हालांकि मौलाना के सवाल उठाने पर अभी तक केन्द्रीय मंत्री की तरफ से देवबंदी उलमा के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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