संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर जारी विवाद में सियासी दिक्कज भी कूद पड़े हैं। और तो और इसको लेकर कांग्रेस के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के शशि थरूर और ज्योतिरादित्य सिंधिया आमने-सामने आ गए हैं।

महाराजाओं को बताया था कायर

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने महाराजाओं को कायर बताया था। इस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जबरदस्त पलटवार किया है। उन्होंने नसीहत दी कि शशि थरूर को पहले इतिहास पढ़ना चाहिए कि महाराजाओं की क्या भूमिका थी?

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मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया हूं…

ज्योतिरादित्य ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए।  उन्होंने कहा, मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया हूं और मुझे अपने अतीत पर गर्व है। बताते चलें कि थरूर ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में राजा-महाराजाओं पर सवाल खड़े किए थे।

तब नहीं थी मान-सम्मान कि चिंता

उन्होंने कहा था कि असलियत तो यह है कि इन तथाकथित महाराजाओं में हर एक जो आज मुंबई के एक फिल्मकार के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं, उन्हें उस समय अपने मान सम्मान की कोई चिंता नहीं थी जब ब्रिटिश इनके मान-सम्मान को पैरों तले रौंद रहे थे।

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खुद को बचाने के लिए भाग खड़े हुए

शरूर यहीं नहीं रुके थे। उन्होंने कहा था कि वे (राजा-महाराजा) खुद को बचाने के लिए भाग खड़े हुए थे। तो इस सच्चाई का सामना करो, इसलिए ये सवाल ही नहीं है कि हमारी मिलीभगत थी।

स्मृति ईरानी ने भी किया सवाल

इस बयान पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सवाल किया है। उन्होंने ट्वीट कर शशि थरूर से पूछा कि क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे? थरूर की इस टिप्पणी पर स्मृति ईरानी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह से भी जवाब मांगा।

 

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