अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने येरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि पहले के राष्ट्रपतियों ने इस बारे में अभियान चलाया, पर वादे को पूरा करने में असफल रहे। मैं इस वादे को पूरा कर रहा हूं।

अरब जगत में मची खलबली

वहीं, ट्रंप के इस फैसले से अरब जगत में खलबली मच गई है। ज्यादातर देशों को इस बात की आशंका है कि ट्रंप के फैसले से दुनिया में बड़ा विवाद छिड़ सकता है और विवाद एक बड़े युद्ध के रूप में पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है। आईएस ने भी आंखें तरेरी हैं।

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इजरायल और अरब में विवाद

ट्रंप ने अमरीकी प्रशासन को निर्देश दिया है कि इजरायल के तेल अवीव स्थित अमरीकी दूतावास को येरुशलम ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। येरुशलम इस्लाम और ईसाइयों की श्रद्धा का केंद्र है। साथ ही यह इजरायल और अरब के बीच विवाद का भी केंद्र है।

फिलिस्तीन का पूर्वी येरुशलम पर दावा

बता दें कि फिलिस्तीन पूर्वी येरुशलम को अपनी राजधानी मानता है, जहां अल अक्सा मस्जिद स्थित है। दूसरी ओर, अमरीकी राष्ट्रपति के फैसले के बाद फ्रांस, मिस्र और ब्रिटेन सहित आठ देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है।

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इजरायल ने किया फैसले का स्वागत

इस बीच इजरायल ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का स्वागत किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश हमेशा के लिए इस फैसले का आभारी रहेगा।

इस्लामिक चरमपंथियों को मौका

उधर, तेल अवीव स्थित अमरीकी दूतावास को येरुशलम ले जाने की अमेरिकी घोषणा के बाद अलकायदा और इस्लामिक स्टेट ने उस पर हमले की धमकी दी है। आशंका है कि ट्रंप की घोषणा के बाद इस्लामिक चरमपंथियों और जेहादियों को दुनिया भर में अभियान छेड़ने का मौका मिल जाएगा।

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