दुनिया में अमीरी और गरीबी के बीच बढ़ते फासले की चर्चा समय-समय पर खूब हुई है. लेकिन इसके बावजूद इस खाई को अभी तक पाटा नहीं जा सका है. इस बात की केवल उम्मीद की गई कि अमीर और गरीब के बीच की खाई पट जाए. लेकिन इस दिशा में सकारात्मक कार्य नहीं किये गए. जिसका परिणाम ये निकला कि इस फासले ने घटने के बजाय और फासला बढ़ा लिया. हालात यहाँ तक पहुँच गए हैं कि अमेरिका में निचली आधी आबादी के बराबर की दौलत वहां के टॉप थ्री अमीरों के ही पास है. बिल गेट्स, जेफ़ बेज़ोस और वारेन बफ़ेट, ये वो नाम हैं जो धनकुबेरों की लिस्ट के टॉप 3 वे पर्सन हैं जो अमेरिका की आधी निचली आबादी के बराबर पैसा रखते हैं.

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अमीरी और गरीबी


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अमेरिका के द इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी स्टडीज ने अमेरिका में अमीरों और गरीबों के बीच बढ़ते अंतर अध्ययन किया. इसमें उसने पाया कि अमेरिका के 16 करोड़ अमेरिकियों की कुल दौलत से ज्यादा दौलत इन टॉप थ्री अरबपतियों के पास ही है.इस फासले को संस्था ने अमेरिका का ‘नैतिक संकट’ करार दिया है.

संस्था के अनुसार, इन तीनों अरबपतियों के पास 248.50 अरब डॉलर यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है. बिलिनेयर बोनांजा नामक रिपोर्ट में संस्था ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित नई टैक्स नीति से अमीरी और गरीबी के बीच की ये खाई और बढ़ेगी.

रिपोर्ट को लिखने वाले दल के सदस्य चक कोलिंस ने मीडिया को बताया कि अमेरिका में अमीर और गरीब के बीच खाई बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा, ‘अब इस असमानता को कम करने वाले कदम उठाने का वक्त आ गया है, न कि अमीरों पर लगने वाले टैक्स कम किबा जाएं.’

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विशेषज्ञों ने पाया कि फोर्ब्स पत्रिका की अमीरों की वार्षिक सूची में शामिल शीर्ष 400 अमीरों की कुल जायदाद करीब 2.68 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 173 लाख करोड़ रुपये है. ये जायदाद ब्रिटेन के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी से ज्यादा है.

इन शीर्ष 400 अमीरों की कुल दौलत भारत (2.26 ट्रिलियन डॉलर) और रूस (1.28 ट्रिलियन डॉलर) की राष्ट्रीय जीडीपी से भी ज्यादा है. रिपोर्ट बताती है, 400 सबसे अमीर लोगों की कुल दौलत अमेरिका की 64 प्रतिशत निचली आबादी से भी ज्यादा है. यानी करीब आठ करोड़ परिवारों या 20.40 करोड़ लोगों की दौलत से भी ये रकम अधिक है.

रिपोर्ट में ये भी है कि दुनिया में अमीर और गरीब के बीच खाई इतनी ज्यादा अब से पहले तक नहीं थी. फोर्ब्स की अमीरों की 2017 की सूची में शीर्ष में केवल उन्हीं को जगह मिल पायी जिनकी दौलत दो अरब डॉलर यानी करीब 129 अरब रुपये से ज्यादा रही. 1982 से फोर्ब्स दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची प्रकाशित करता आ रहा है.

एक अन्य लेखक जोश हॉक्सी ने कहा, ‘दुनिया भर की दौलत कुछ लोगों के हाथ में सिमटती जा रही है. बहुत सारे लोगों का जीवन संघर्ष बढ़ता जा रहा है. ये आर्थिक नहीं बल्कि नैतिक संकट है. फोर्ब्स की सूची में शामिल शीर्ष 25 अमीर गोरे हैं.

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माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स दुनिया में सबसे अमीर हैं. उनके पास 89 अरब डॉलर की दौलत है. 81.5 अरब डॉलर की दौलत के साथ अमेजॉन के संस्थापक बेज़ोस दूसरे नंबर पर हैं.

वारेन बफेट 78 अरब डॉलर की दौलत के साथ सूची में तीसरे स्थान पर हूँ. चौथे स्थान पर 71 अरब डॉलर के साथ फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग हैं.

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