विनिवेश की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाने की तैयारी है. सरकार के कहने पर नीति आयोग अब खस्ताहाल सरकारी कंपनियों की ऐसी सूची तैयार कर रहा है जिन्हें आने वाले दिनों में बेचा जाएगा. नीति आयोग पहले ही ऐसी 40 सरकारी कंपनियों की लिस्ट सरकार को दे चुका है. नीति आयोग की इन कंपनियों के बारे में सलाह है कि सरकार को इनमें अपनी हिस्सेदारी कम करनी चाहिए यानी इनका विनिवेश किया जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री कार्यालय के कहने पर नीति आयोग उन खस्ताहाल सरकारी कंपनियों के बारे में रिपोर्ट तैयार कर रहा है जिनमें विनिवेश किए जाने की जरूरत है. नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने बताया कि 40 कंपनियों की लिस्ट सरकार को सौंपी जा चुकी है और डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट(DIPAM) उन पर काम कर रहा है. अमिताभ कांत के मुताबिक विनिवेश करने लायक कंपनियों की 4 लिस्ट पहले ही सरकार को भेजी जा चुकी है. पांचवीं लिस्ट पर काम चल रहा है. छठी और सातवीं लिस्ट लाने की भी तैयारी है.

बता दें कि 2017-18 के बजट में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 72,500 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. पंजाब नेशनल बैंक में घोटाले के बाद की स्थिति और सरकारी बैंकों के एनपीए के संबंध में पूछे जाने पर अमिताभ कांत ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया. जब उनसे पूछा गया कि लगातार घोटालों की वजह से यह मांग उठ रही है कि सरकारी बैंकों का निजीकरण कर देना चाहिए तो उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब वो नहीं दे सकते क्योंकि इसके बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है.


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अमिताभ कांत ने कहा कि नीति आयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कृषि लैंड रिकॉर्ड और हेल्थ केयर में इस्तेमाल करने के बारे में रिपोर्ट तैयार कर रहा है ताकि सरकार की योजनाओं और नीतियों में इनका फायदा उठाया जा सके.

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