लो भाई, भारत में इतना लड़ाई झगड़ा हुआ. विद्रोह फैला. तनातनी भी हुई. कारण बनीं, यहीं पर रिलीज हुई फिल्‍म ‘पद्मावत’. वहीं देखिए पाकिस्‍तान में बिना किसी हंगामे और कट के फिल्‍म को आसानी के साथ रिलीज भी कर दिया गया. आइए देखें, ये सब हुआ कैसे.

ऐसी मिली है जानकारी
भारत में लंबे वक्त से विवादों में घिरी ‘पद्मावत’ हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बिना किसी हो-हल्ले के हरी झंडी मिल गई. पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने इसे यू सर्टिफिकेट देकर रिलीज किया. साथ ही भारतीय सेंसर बोर्ड के उलट पाकिस्तान में बिना किसी कट के रिलीज करने का आदेश भी जारी किया गया.


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ऐसे की घोषणा
पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष मोबशीर हसन ने एक ट्वीट के जरिए इसकी घोषणा की. इससे पहले माना जा रहा था कि अलाउद्दीन खिलजी को ज्यादा ही क्रूर और नकारात्मक तरीके से दिखाए जाने के चलते पाकिस्तान में इसका विरोध हो सकता है लेकिन पाकिस्तान में ऐसा कुछ नहीं हुआ जो खबरों की सुर्खियां बना सके.

खिलजी के किरदार पर उठे सवाल
पाकिस्तानी मीडिया में इस फिल्म को लेकर हलकी- फुल्की सुगबुगाहट देखी गई. अखबारों और चैनलों में अलाउद्दीन खिलजी के किरदार को क्रूर और नकारात्मक तरीके से दिखाए जाने पर बहस भी चली. इस फिल्म के ऐतिहासिक तथ्यों पर भी सवाल उठाए गए.

पाकिस्‍तानी अखबार ने लिखा ऐसा
पाकिस्तानी अखबार डॉन फिल्म की समीक्षा करते हुए लिखता है कि अव्वल तो ये एक फिक्शन फिल्म है और इसे फिक्शन मानकर ही देखना चाहिए. अगर हम फिल्म को ये मानकर देखेंगे कि इसे ऐतिहासिक तथ्यों को संजो कर बनाई गई है तो मायूसी ही हाथ लगेगी. संजय लीला भंसाली ने बहुत शातिराना तरीके से मुस्लिम सुल्तान का विकृत चेहरा दिखाया है जिसका वास्तविकता से कुछ खास लेना-देना नहीं है.

मिली ऐसी जानकारी भी
अखबार लिखता है कि जिस सुल्तान को इतिहासकार उसकी उदार और समाजवादी आर्थिक नीतियों के लिए याद करते हैं वहीं इस फिल्म के जरिये मुस्लिम शासक की क्रूर छवि गढ़ी जाती है. हैरानी की बात है पाकिस्तान में ये फिल्म बिना विरोध के रिलीज की जा रही है. पाकिस्तानी और भारतीय मुस्लिम की उस तरह से भावनाएं ‘आहत’ नहीं हुई जैसी भारत में राजपूत समुदाय की हो रही है.

ऐसे भी उठे सवाल
अखबार लिखता है कि ‘वरना’ और ‘मालिक’ जैसी आम सी फिल्मों पर बैन लगाने वाले सेंसर बोर्ड को ‘पद्मावत’ पर ज्यादा दरियादिली दिखा रहा है. सेंसर बोर्ड को फिल्म के विषय में कोई आपत्ति नहीं दिखी? पाकिस्तानी अखबार रोज़नामा दुनिया भी इस फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी की नकारात्मक छवि पर ऐतराज करता है. साथ ही अखबार ये भी लिखता है कि भारत में पहले ही दिन 18 करोड़ कमाकर इस फिल्म का विरोध करने वाले को करारा जवाब मिला.

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