संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्‍म ‘पद्मावती’ एक के बाद एक और भी ज्‍यादा बवालों में फंसती नजर आ रही है। याद दिला दें कि बीते दिनों कोर्ट ने इस फिल्‍म के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था। इसके साथ ही ये भी कहा था कि फिल्‍म को पास करना या न करना सेंसर बोर्ड का काम है। उसमें कोर्ट हस्‍तक्षेप नहीं करेगी। यहां से फिल्‍म के ऊपर से मुसीबतों के कुछ बादल छटे तो इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने वाली हिंदू जागृति समिति ने तो सेंसर बोर्ड को भी धमकी दे डाली।

ऐसी मिली है खबर
खबर मिली है कि हिंदू जागृति समिति ने बीते दिन सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर कहा है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ को सेंसर बोर्ड की ओर से पास सर्टिफिकेट न दिया जाए। अगर ये फिल्म थिएटर में रिलीज होती है तो फिर इस फिल्म को लेकर लोगों की ओर से विरोध से हुए नुकसान की जिम्मेदारी सेंसर बोर्ड की होगी।


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समिति ने कहा ऐसा
अपने पत्र में इस समिति ने कहा है कि भंसाली ने फिल्म ‘पद्मावती’ में भारत की संस्कृति, मान मर्यादा, इसके गौरवशाली इतिहास और यहां के सम्मानजनक राजा और रानियों का अपमान किया है। फिल्म के ट्रेलर में भारत के इतिहास के साथ भी खिलवाड़ किया गया है। इसी वजह से फिल्म को सेंसर की तरफ से पास का प्रमाण देने से पहले उन्हें इन बातों पर भी विचार करना चाहिए।

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गाने को लेकर लगाया आरोप
इस पत्र में फिल्म के गाने ‘घूमर’ पर विशेष ध्यान देते हुए कई आरोप लगाए गए। कहा गया कि प्राचीन समय में राजघराने की औरतें इस तरह से समाज में नृत्य नहीं करती थीं। बल्कि राज्य के सम्मान के लिए तलवार उठाकर लड़ाई करती थीं। ये जानते हुए भी भंसाली ने फिल्म में रानी पद्मावती बनी दीपिका को नाचते हुए दिखाया हुआ है। इस वजह से हिंदू और राजपूत समाज के लोगों को ठेस पहुंची है।

‘बाजीराव मस्‍तानी’ का भी किया जिक्र
इस पत्र में भंसाली की पिछली फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ का भी जिक्र किया गया है। कहा गया है कि भंसली ने अपनी पिछली फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ में भी काशीबाई को नाचते हुए दिखाया है। किसी भी ऐतिहासिक किताब या पत्र में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि काशीबाई या रानी पद्मावती डांस करती थीं।

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दिया इस धारा का हवाला
फिर भी भंसाली ने बॉक्स ऑफिस पर रुपये इकट्ठा करने के लिए ये सभी दृश्य दिखाए हैं। भारत के संविधान के मुताबिक, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी भी प्रोड्यूसर को ये अनुमति नहीं देती कि वो ऐतिहासिक तथ्‍यों के साथ खिलवाड़ करे। इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा 295 A के तहत वो सजा के पात्र हैं।

संजय लीला भंसाली पर लगाया आरोप
भंसाली को ये समझना होगा कि जिस तरह से कला को व्यक्त करने की आजादी जरूरी है वैसे ही इतिहास का सम्मान करना भी जरूरी है। ‘घूमर’ एक ऐसा नृत्य है जिसे राजस्थानी समाज के कुछ तबके के लोग परफॉर्म करते हैं। ये डांस किसी राजकुमारी या रानी ने कभी परफॉर्म नहीं किया है। भंसाली को इन सभी बातों की अच्छे से खोजबीन करनी चाहिए थी।

जारी किया वीडियो
इतना ही नहीं ये भी कहा गया कि संजय ने फिल्म को लेकर चल रहे विवाद पर अपना वीडियो जारी करके कहा कि इस फिल्म को लेकर केवल अफवाहें फैलाई जा रही है। अगर ये बात सच है तो उन्हें अपनी फिल्म हिंदू सेना के सामने परस्तुत करनी चाहिए ताकि इस फिल्म को लेकर सभी संदेह को टाला जा सके।

दी ऐसी धमकी
वहीं हिंदू जन जागृति समाज ने थिएटर मालिकों को फिल्म न रिलीज करने की धमकी दी है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर इन सभी बातों को नजर अंदाज करके फिल्म को सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेट दिया गया तो इसके वो जवाबदेह होंगे। अब देखना ये है कि सेंसर बोर्ड इस फिल्‍म को लेकर क्‍या करने वाली है।

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