सर्दी का मौसम वैसे तो स्वास्थ्य के लिए बढ़िया होता है। ज्यादातर भोजन आसानी से पच जाते हैं, पर लापरवाही से मौसम का मजा किरकिरा भी हो सकता है। जरा सा चूके तो जुकाम-बुखार हो जाता है। इनसे बचने के लिए शहद और नींबू का प्रयोग किया जा सकता है।

डॉक्टर ने अपने लेख में दी जानकारी

सर्दी-जुकाम और दवाइयों पर एक लेख लिखने वाले इंग्लैड के डॉक्टर ओली बेविंगटन का कहना है कि माता-पिता सर्दी जुकाम में पारंपरिक तरीके जैसे शहद और नींबू और कई तरह के रस का प्रयोग करते हैं। आप भी बच्चों को शहद और नींबू का प्रयोग कर इससे दूर रख सकते हैं।

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शहद और नींबू का इस्तेमाल पुराना फैशन

उन्होंने लिखा है कि जुकाम में शहद और नींबू का इस्तेमाल पुराना फैशन जरूर है, लेकिन लोगों को इसे अपनाना चाहिए क्योंकि इसका दूरगामी प्रभाव अच्छा है। अपने लेख में डॉक्टर ने बताया है कि शहद और नींबू आमाशय में बनने वाले अम्ल को नियंत्रित करते हैं।

सर्दी और जुकाम की दवाइयों से रहता रिस्क

बेविंगटन का कहना है कि ओवर द काउंटर (ओटीसी) कफ और जुकाम की दवाइयों में कुछ ऐसी सामग्री मौजूद रहती है जिसे कि आप पहले ही अपने बच्चों को दे रहे होते हैं। इसमें से प्रमुख है पैरासिटामॉल जो कि लोग बुखार या जुकाम के लिए पहले से ले रहे होते हैं।

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पैरासिटामॉल के ओवरडोज का रहता है खतरा

ऐसे में अगर बच्चों को लगातार सर्दी-जुकाम की दवाइयां दी जाएं तो पैरासिटामॉल के ओवरडोज का रिस्क रहता है। वहीं शहद और नींबू आमाशय में बनने वाले अम्ल को नियंत्रित करता है और भोजन को तोड़कर पचने लायक बनाता है।

शहद और नींबू के इस्तेमाल से बना रहता संतुलन

इनका इस्तेमाल करने से शरीर में जल का संतुलन बना रहता है और जरूरत के हिसाब से शरीर को पानी प्राप्त होता है। लेमन जूस विटामिन सी से भरपूर होता है जो कि सर्दी से उबरने में मदद करता है।

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