दुनिया भर में खाई जाने वाली खिचड़ी एक ऐसी डिश है, जो बनाने में बेहद आसान है. ये जिन्हें पसंद आती है, उनके लिए किसी कम्फर्ट फ़ूड से कम नहीं. खैर, खिचड़ी को कोई कैसे भी ले, लेकिन इस बात को नकार नहीं सकते कि डाइजेशन ठीक करने के लिए यही काम आती है. खिचड़ी की बात जब भी करो, तो मूंग दाल खिचड़ी का ज़िक्र सबसे पहले किया जाता है, क्योंकि ये खिचड़ी बनाने में कॉमन है. लेकिन अगर आप खिचड़ी लवर हैं, तो सिर्फ मूंग की क्यों, अलग-अलग खिचड़ी का जायका लेना चाहिए.

खिचड़ी को लेकर एक कहावत है, ‘खिचड़ी के चार यार-पापड़, दही, घी और अचार’. खिचड़ी का मज़ा दोगना हो जता है. जब इस सिंपल सी डिश को इन चार चीज़ों के साथ सर्व किया जाए.

बंगाली स्टाइल खिचड़ी


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ये बंगाली स्टाइल मूंग दाल खिचड़ी है, जो खाने में स्वादिष्ट होती है. इसे भाजा मुगर खिचुरी कहते हैं. इसे अक्सर दुर्गा पूजा फेस्टिवल में भोग के तौर पर बनाया जाता है. आप इसमें अपनी पसंद के हिसाब से सब्जियां डाल सकते हैं. जैसे मटर, टमाटर, गाजर, शिमलामिर्च वगैरह. इसे बनाने के लिए आपको सब्जियों, हरी मिर्च और अदरक की ज़रूरत पड़ेगी. ये कुछ इस तरह बनती है.

एक कड़ाही में मूंग की दाल को धीमी आंच पर गुलाबी होने तक भून लें. भूनते समय घी न डालें. अब इसमें सारी सामग्री मिलाकर आधा लीटर गरम पानी में धीमी आंच पर पका लें. (पानी अपनी जरूरत के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं) ध्यान रहें कि इसे ढककर पकाएं. खिचड़ी खराब न हो जाए, इसके लिए इसे बीच-बीच में चलाती रहें. पूरी तरह पक जाए तो समझ लीजिए की आपकी खिचड़ी तैयार है.

हेल्थ बेनेफिट्स:

इससे पाचन ठीक होता है और पेट भरा रहता है. साथ ही गेहूं, राई, जौ जैसे कुछ अनाज में ग्‍लूटन पाया जाता है. ऐसी चीजों से ग्‍लूटन सेन्सिटिव और सीलिएक डिजीज़ (celiac disease) से पीड़ित लोगों को नुकसान हो सकता है. लेकिन खिचड़ी में पर्याप्‍त पोषक तत्‍व और ग्‍लूटन फ्री होने के चलते ऐसे लोग इसका आराम से सेवन कर सकते हैं.

ओट्स खिचड़ी

स्वादिष्ट और हेल्दी इस खिचड़ी को बनाने के लिए आपको ओट्स, मूंग दाल और मिक्स वेजीटेबल की ज़रूरत होगी. ओट्स में एंटीओक्सिडेंट होता है, जो कि कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है. आप इस टेस्टी खिचड़ी को रायता, अचार या पापड़ के साथ खा कर खाने का टेस्ट बढ़ा सकते हैं.

हेल्थ बेनेफिट्स:

ओट्स में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, साथ ही किसी और अनाज के मुकाबले इनमें सबसे ज़्यादा मात्रा में प्रोटीन और फैट होता हैं. ओट्स में मिनेरल्स और विटामिन्स भी पाए जाते हैं. इसमें काफी एन्टी ऑक्सिडेंट्स होते हैं, जिनमें से एक ऐवेनॉनथ्रेमाइड है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है. ये आपके कॉलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को भी  है.

सूजी खिचड़ी

अगर आप साउथ इंडियन डिश के दीवाने हैं, तो सूजी खिचड़ी आपको पसंद आएगी. ये देखने में जितनी कठिन है बनाने में उतनी ही आसान है. आपको करना सिर्फ इतना है कि सूजी भूनने के लिए पैन में 2 चम्मच घी डालकर गरम करिए. घी में सूजी डाल दीजिए और सूजी को लगातार चलाते हुए हल्का गोल्डन ब्राउन होने तक मध्यम आंच पर भून लीजिए. भूनी सूजी को प्लेट में निकाल लीजिए.

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अब पैन में 2 चम्मच घी डालकर गरम कीजिए. अब घी में जीरा डालकर भून लीजिए. जीरा भूनने पर करी पत्ता, बारीक कटा हुआ अदरक और बारीक कटी हुई हरी मिर्च डाल कर हल्का भून लीजिए. हल्दी डालकर मसालों को हल्का सा भून लीजिए. मसाले भून जाने पर इसमें हरी मटर के दाने डाल लगातार चलाते हुए भून लीजिए. मटर के हल्का भून जाने पर इसमें बारीक कटी हुई शिमला मिर्च डालकर भून लीजिए.

टमाटर डाल कर सब्जियों को 1-2 मिनट लगातार चलाते हुए हल्की क्रन्ची होने तक पका लीजिए. सब्जियां हल्की पक कर तैयार हैं, अब इनमें 1-1.2 कप पानी डाल दीजिए और भूनी हुई सूजी और नमक डाल कर सभी चीजों को अच्छे से मिलने तक मिक्स कर लीजिए. पैन को ढक कर सूजी को धीमी आंच पर 3 मिनिट के लिए फूलने तक पकने दीजिए. खिचडी़ को चैक कीजिए. सूजी अच्छी फूलकर तैयार है, खिचडी़ पक कर तैयार हो गई है. अब इसे बिना ढके लगातार चलाते हुए 1 मिनिट और पका लीजिए. आपकी खिचड़ी तैयार है.

हेल्थ बेनेफिट्स:

सूजी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है, जो शरीर में शर्करा की मात्रा नहीं बढ़ाता और डाइबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होता है. इसके साथ ही अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो सूजी की खिचड़ी आपको फायदा करेगी.

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कुट्टू खिचड़ी

इसे नवरात्र में बनाया जाता है. कुट्टू की खिचड़ी बनाने के लिए साबुत कुट्टू, आलू और अगर आप चाहें तो मूंगफली भी डाल सकते हैं. इसे बनाने के लिए आलू छीलकर महीन काट लें. घी गर्म कर जीरा, अदरक और हरी मिर्च का छौंक देकर आलू और कुट्टू डालकर 5 मिनट भूनें. (नारियल, हरा धनिया और नीबू का रस छोड़कर) सब मसाले डालकर 2-3 मिनट भूनें. 4 कप खौलता पानी डालकर ढँककर उबलने दें, बीच-बीच में चलाते रहें. कुट्टू सीझ जाने पर आँच से उतारकर नीबू का रस मिला दें. परोसने के पहले हरा धनिया और कसा नारियल डाल कर परोसें.

हेल्थ बेनेफिट्स:

कुट्टू की खिचड़ी खाने से आप एनर्जेटिक महसूस करते हैं. शायद यही वजह है कि इसे फेस्टिवल के दौरान बनाया जाता है. कुट्टू शरीर को गर्म रखता है इसलिए इसे ठंडी के मौसम में खाना फायदेमंद होता है.

मसाला खिचड़ी

मिक्स वेजीटेबल्स से बनी ये खिचड़ी खाने में तीखी होती है. इसको बनाने के लिए चावल, मूंग की दाल और अरहर की दाल को मिक्स करके धो दीजिये. पैन में घी गर्म करिए और राई डालकर उसे फूटने दीजिये. अब जीरा, लौंग, दालचीनी, तेज पत्ता, काली मिर्च के दाने, अनानास फल, सूखी लाल मिर्च और मूंगफली डालकर एक मिनट के लिए सबको भुनो. प्याज़ डालकर हलके भूरे रंग का होने तक भूनिए. भीगे हुए चावल, तूर दाल, मूंग दाल, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और नमक डालकर 1 मिनट के लिए भूनिए. अब इसमें 2 कप पानी डालकर अच्छे से मिलाइए और कुकर का ढक्कन बंद करके 3 सीटी (पहली सीटी तेज़ आँच पर और बाकी 2 सीटियाँ मध्यम आँच पर) बजने तक पकाइए.

हेल्थ बेनेफिट्स:

ये खिचड़ी पचने में आसान आपको कफ, वात और पित्त से दूर रखती है.

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