अगर आपको थिरकने यानी डांस करने की आदत नहीं है तो डाल लीजिए। रोज थोड़-थोड़ा डांस किया कीजिए। इससे दिमाग कभी बूढ़ा नहीं होगा। अजी हम ऐसा काहे कहेंगे। एक नए शोध में यह दावा किया गया है।

बुढ़ापे के लक्षण न दिखेंगे

इस शोध में पता चला है कि थिरकने से अधिक उम्र के लोगों के दिमाग में बुढ़ापे से जुड़े लक्षणों को पलटने में कामयाबी मिल सकती है। थिरकने का मतलब है व्यायाम। यानी नियमित व्यायाम करने वाले बुजुर्गों के दिमाग में अधिक उम्र के कारण आने वाली कमी को रोकना संभव है।

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जर्मनी में किया गया शोध

जर्मनी स्थित जर्मन सेंटर फॉर न्यूरोडीजेनेरेटिव डिजीजेज की शोधकर्ता कैथरीन रेहफेल्ड ने कहा, उम्र बढ़ने के साथ-साथ व्यक्ति की मानसिक व शारीरिक क्षमता में गिरावट आने लगती है। थिरकने जैसे व्यायाम से इस गिरावट को कम कर सकते हैं।

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थिरकने वालों के दिमाग संतुलित

शोधकर्ताओं ने बताया कि दो समूह में लोगों को बांटकर शोध किया गया। डांस वाले समूह के प्रतिभागियों के दिमाग में बुढ़ापे के लक्षण कम हो गए और वे संतुलित दिखे। यह अध्ययन ‘फ्रंटियर्स इन ह्यूमन न्यूरोसाइंस’ जर्नल में छपा है।

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