हर दिन कुछ कहता है। दिन विशेष के लिए राशियों की भाषा अलग-अलग होती है। आपकी राशि आपके लिए क्या कहती है, आपको इसे जानने की प्रबल इच्छा रहती है। 25 सितम्बर को घर में खुशियों की एंट्री का क्या समय होगा, आइये जानते हैं। इसके अलावा ये भी कि आपकी राशि 25 सितम्बर के बारे में क्या कहती है। इसके अतिरिक्त 25 सितम्बर के दिन का शुभ मुहूर्त भी जानना चाहिए ताकि आप अपने शुभ कार्यों को उस समय में प्राम्भ कर सकें और अपने जीवन को सुखमय बना सकें।

विश्वास मानो, ये पांच राशियाँ आपको कभी नहीं देंगी धोखा

23 सितम्बर

◆25 सितम्बर का पंचांग◆

आपका दिन मंगल मय हो
25 सितम्बर दिन सोमवार
ऋतु-शरद
माह-आश्विन
सूर्य दक्षिणायन
सूर्योदय-06:02
सूर्यास्त-05:58
राहूकाल(अशुभ समय)सुबह
07:30से 09:00तक
तिथि -पंचमी
पक्ष-शुक्ल
दिशाशूल-पूर्व


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


25 सितम्बर को राशियों का प्रभाव

? मेष राशि :-

(ला, ली, लू, ले ,लो , चे, चो ,अ, कू)

आपका मन प्रसन्न रहेगा व्यापार में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। यात्रा कष्टकारक हो सकती है। स्वजनों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक सुख शान्ति बढ़ेगी बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा।

सुझाव:-आप इस नवरात्रि माता दुर्गा को अर्पित कर चौदह या एक मुखीरुद्राक्ष धारण करें।
शुभ रंग:- गुलाबी
राशिरत्न:-मूँगा
उपरत्न:-लाल ओनेक्स, लाल हकीक

?वृष राशि :-

(वा, वी, वि, वू , वे ,वो ,ई ,उ, ए ओ)

आपका मन चौतरफा प्रसन्न रहेगा। हर तरफ से उन्नति प्राप्त होने वाली है। घर में वैवाहिक कार्यों के होने के संकेत मिलेंगे। पारिवारिक माहौल उत्तम होगा। जीवन साथी का प्रेम मिलेगा। व्यक्तित्त्व में निखार आएगा। नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। अर्थ दसा उत्तम रहेगी।

सुझाव:-आज इस नवरात्रि भगवती को अर्पित तेरह मुखीरुद्राक्ष या दसमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-बादामी
राशि रत्न:- हीरा
उपरत्न:-ओपल ,स्फटिक

? मिथुन राशि :-

(का,की कु, के, को हा, घ ,छ, )

आपका दिन आपके लिए नई स्फूर्ति ले कर आएगा। रोगों से राहत मिलेगी। भक्ति भाव से ईश्वर की कृपा की अनुभूति होगी। व्यापार व नौकरी दोनों में लाभ व प्रमोशन के योग बनते दिख रहे है।परिवारिक उलझने शांत होंगी। शैक्षिक कार्यों में अनुकूल लाभ मिलेगा।

सुझाव:-इस नवरात्रि आप माता को अर्पित तेरह मखी या 1 मखी रुद्राक्ष धारण करें
शुभरंग:- पीला
राशिरत्न:-पन्ना
उपरत्न:- हराओएक्स, फिरोजा, हरा मरगज, हरा हकीक, पेरीडॉट

? कर्क राशि :-

(डा, डी, डू, डे, डो, हे, हो,हू ,ही)

आपका दिन थोड़ा भाग दौड़ भरा हो सकता है। अथियों का आगमन होगा। ब्राम्हणों का सम्मान होगा।आर्थिक समस्या का स्थायी निदान बन सकता है। व्यापार व नौकरी दोनों में से थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सुझाव:-इस नवरात्रि माता रानी को अर्पित किया दोमुखी व गौरीशंकर रुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-सुनहला
राशिरत्न:-मोती
उपरत्न:-सफेद मूँगा, दूधिया हकीक, मूनस्टोन

?सिंह राशि :-

(मा, मी मू, मे, मो, टा, टि, टू, टै)

आप अपने कार्यों में रुक रुक कर सफलता मिलेगी। व्यापारिक पक्ष सामान्य रहेगा।पारिवारिक माहौल उत्तम रहेगा। शैक्षिक कार्य मे सामान्यता रहेगी। व्यक्ति विशेष से लाभ होगा।

सुझाव:-इस नवरात्रि माता रानी को अर्पित किया एकमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-समुद्री हरा
राशिरत्न:-माणिक्य
उपरत्न:-रतवाहक़ीक़, गारनेट

??कन्या राशि :-

( पा, पि, पू, पे, पो ष, म्, ठ टो)

आपका समय अतिथियों की सेवा में अधिक व्ययती हो सकता है। व्यापारिक समझौते आपके लिए लाभ पर्द साबित होंगे। कृषि कार्यों में लाभ होगा। स्थाई सम्पत्ति की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक सहयोग से उन्नति मिकेगी।

सुझाव:-इस नवरात्रि आप मातारानी को अर्पित किया हुआ तेरह मखी या एक मुखीरुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-हल्का लाल
राशिरत्न:-पन्ना
उपरत्न:-हरा ओनेक्स, हरामरगज, फिरोजा, हरा हक़ीक

⚖तुला राशि :-

(रे, रो, रा, री, ता, ती, तू, ते)

आपका मन प्रसन्न रहेगा। मान सम्मान में वृद्धि होगी। पारिवारिक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापर में वृद्धि होगी सट्टेबाजी में भूल कर भी धन न लगावें हानि हो सकती है। जीवन साथी का स्वास्थ्य प्रभावित रह सकता है।

सुझाव:-इस नवरात्रि माता रानी को अर्पित कियाहुवा तेरह मखी व एक मुखीरुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-आसमानी
राशिरत्न:-हीरा
उपरत्न:- ओपल, स्फटिक, सफेद हकीक।

?वृश्चिक राशि :-

(ना ,नी, नू ,ने ,नो ,तो, या ,यी ,यू)

आप का मन परिवार को लेकर थोड़ा व्यथित रह सकता है किन्तु व्यापार में आपको उत्तमलाभ की प्राप्ति होगी। धार्मिक कार्यों में मन को लगायें ।आर्थिक पक्ष उत्तम होगा व्यर्थ के विवाद में भूल कर भी न पड़ें। सन्तान पक्ष से आपको गौरव मिलेगा।

सुझाव:-इस नवरात्रि माता रानी को अर्पित किया हुवा चौदहमुखी व तीनमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-पीला
राशिरत्न:-मूँगा
उपरत्न:- लाल ओनेक्स, लाल हकीक

?धनु राशि :-

(ये,यो,भा, भी,भू, भे, ध, फ,ढ)

आप का मन रचनात्म कार्यों में निमग्न रहेगा। सन्तान के दायित्वों की पूर्ति होगी। व्यापार में इज़ाफ़ा होगा। पारिवारिक ताल -मेल में कमी महसूस होगी। अर्थ दशा सामान्य रहेगी। व्यक्ति विशेष का सहयोग मिलेगा।शैक्षिक कार्यो में सफलता मिलेगी।

सुझाव:-इस नवरात्रि आप माता रानी को अर्पित कियाहुवा एक मुखीरुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-केसरिया
राशिरत्न:-पीलापुखराज
उपरत्न:-सुनहला

?मकर राशि :-

(भे, जा,जी, जू जे जो खी, खू,खे, खो,गा, गी)

आपका मन पूर्व की भाँति नवीन महसूस करेगा। आपके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा। आपको व्यापारिक बड़ा लाभ हो सकता है। आज एक से अधिक कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। परिवार के साथ से आप आज अपने मन चाहे सपनो को पूरा करने की ओर आगे बढ़ेंगे।

सुझाव:-इस नवरात्रि आप मातारानी को अर्पित कियाहुवा एक मखी रुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:-जामुनी
राशिरत्न:-नीलम
उपरत्न:-जमुनिया, कटैला, कालास्टार, लाजवर्त, काला हकीक

?कुम्भ राशि :-

(गू, गे, गो,सा,सी,सू से,सो,दा)

आप का दिन सामान्य रहेगा। न तो कोई तनाव न ही कोई जल्दबाजी आज आप पूर्ण मनोयोग से माता रानी की आराधना करेंगे। व्यापर में आपको स्थाई लाभ मिलेगा। जीवन साथी का लरें आपको आपके लक्ष्य तक ले जाएगा। नौकरी में स्थायित्व आएगा। पूरब मित्रों का सहयोग मिलेगा।

सुझाव:-इस नवरात्रि मातारानी को अर्पित कियाहुवा चौदहमुखी या एक मुखीरुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:- नीला
राशिरत्न:-नीलम
उपरत्न:-जमुनिया, कटैला, कालास्टार, लाजवर्त, काला हकीक

?मीन राशि :-

(दी,दू,थ, झ, दे ,दो,चा, ची )

आपका दिन आपको धीरे-धीरे उन्नति की ओर ले जाएगा। पारिवारिक सामंजस्य से सारे बिगड़े काम बनेंगे। अर्थ पक्ष में पहिले से बेहतर सुधार होंगें। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। राजकीय कार्यों में मनोनुकूल सफलता मिकेगी।

सुझाव:-इस नवरात्रि आप मातारानी को अर्पित कियाहुवा चौदहमुखी, या एकमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
शुभरंग:- फिरोजी
राशिरत्न:-पीला पुखराज
उपरत्न:-सुनहला, पिला हकीक

।।दिन का विशेष महत्व।।

1. आश्विन माह शुक्लपक्ष पंचमी तिथि है।
2. स्कंदमाता का व्रत व पूजन है।

।।प्रेरणा दाई चौपाई।।

यह वर मागउँ कृपानिकेता।
बसहु हृदय श्री अनुज समेता।।

अर्थ:-महामुनि अगस्त जी भगवान श्री राम से वर मांगते हुवे कहते है कि हे मर्यादापुरुषोत्तम प्रभू आप कृपा करके माता श्री जानकी व भैया लक्ष्मण हमारे हृदय में सदा सर्वदा के लिए निवास करें।

।। वास्तु टिप।।

घर के बगीचे या दरवाजे के दाहिने भाग में बिल्व का वृक्ष लगाने से घर में सुख शांति बनी रहती है व माता महालक्ष्मी की कृपा मिलती है।

।। आप सब का मंगल हो।।

।। इति शुभम्।।

।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।श्री अयोध्या धाम।।
।। ज्योतिर्विद व श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत कथा प्रवक्ता।।
संपर्क सूत्र-9044741252

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...