डेरा सच्चा सौदा प्रमुख रेपिस्ट राम रहीम सिंह को 10 साल की सजा मिलते ही हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक और गलती कर दी। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सरकार के सभी मंत्रियों, वरिष्‍ठ पार्टी नेताओं और अधिकारियों को अपने घर पर मुलाकात के लिए बुला लिया है। माना जा रहा है कि सीएम खट्टर ने यह इमरजेंसी मीटिंग इसलिए बुलायी, ताकि उनकी सरकार पर इसका असर न आए। आम जनता के साथ सोशल मीडिया पर यह फैसला वायरल होते ही खट्टर सरकार के खिलाफ लोगों ने अपनी राय देनी शुरू कर दी है।

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रेपिस्ट राम रहीम


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दरअसल, बीते विधानसभा चुनाव में मनोहर लाल खट्टर की भाजपा सरकार को डेरा सच्चा सौदा ने खुला समर्थन दिया था। चुनाव में जीत के पीछे डेरा समर्थकों को भी वजह बताया जा रहा था। यही वजह थी कि जब राम रहीम को रेप का दोषी ठहराया गया और पूरे राज्य हिंसा की चपेट में आ गया, तो भी सरकार चुपचाप बैठी रही।

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खैर, कोर्ट के दखल के बाद खट्टर सरकार ने हालात पर काबू किया। लेकिन अब राम रहीम को दस साल की सजा मिलने के बाद उन्हें अपनी गद्दी हिलती हुए दिखाई दे रही है। यही वजह है कि सरकार के सभी मंत्रियों, आला अफसरों को इमरजेंसी मीटिंग के लिए बुलाया गया है।

हालांकि जानकारों का कहना है कि अगर सरकार शुरू से इस मामले में एक्टिव रहती, तो आज ये दिन न देखना पड़ता। डेरा प्रमुख को सजा तो तय मानी जा रही थी। ऐसे में सरकार के पास अपनी छवि सुधारने का मौका था। लेकिन ताजा गलती से यह मौका भी हाथ से निकल गया।

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