जस्टिस दीपक मिश्रा को सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के 45वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में शपथ ग्रहण कराई। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में एक सादे समारोह में जस्टिस मिश्रा ने शपथ ली।

दो अक्तूबर 2018 तक पद पर

जस्टिस जेएस खेहर के रविवार को सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस मिश्रा (64) ने यह पद संभाला है। वह दो अक्तूबर 2018 यानी अगली गांधी जयंती तक इस पद पर रहेंगे।

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निर्भया के दोषियों की सजा

जस्टिस मिश्रा 2012 के निर्भया गैंगरेप मामले में दोषियों को मौत की सजा बरकरार रखने वाली पीठ के अध्यक्ष थे। यही नहीं इन्हीं की अध्यक्षता वाली पीठ ने देशभर के सिनेमाघरों में राष्ट्रगान को अनिवार्य बनाने का आदेश दिया था।

सीजेआई खेहर ने किया नामित

परंपरा के अनुसार सीजेआई जेएस खेहर ने पिछले महीने जस्टिस मिश्रा को देश का आगामी सीजेआई नामित किया था। वह पटना हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। अक्तूबर 2011 में वह सुप्रीम कोर्ट में आ गए थे।

सुप्रीम कोर्ट का एक और अहम फैसला, निजता का अधिकार है मौलिक अधिकार

महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई

सीजेआई दीपक मिश्रा वर्तमान में उस पीठ की अध्यक्षता कर रहे हैं जो कावेरी तथा कृष्णा नदी जल विवाद, बीसीसीआई सुधार और सहारा मामले समेत कई अन्य मामलों की सुनवाई कर रही है।

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