समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। वसीम रिजवी ने कहा था कि भारत के मुसलमान राम मंदिर का विरोध करते हैं, उन्हें बांग्लादेश-पाकिस्तान चले जाना चाहिए। इस बयान पर आजम खां ने मोदी सरकार को लपेटते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

आजम खां

उन्होंने कहा कि अगर मुसलमानों को भेजना ही है तो वैसे देश भेजने की पैरवी क्यों करते हैं, जहां रोटी नहीं है। आजम खां ने कहा कि भेजना ही है तो यूरोप भेजो, अमेरिका भेजो। आजम खां ने कहा कि अगर मुसलमानों को भेजना है तो पूरी तरह से भेजो।


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आजम खां ने कहा, “भेजना है तो उन देशों में क्यों भेजते हो जहां रोटी नहीं है, देश के बादशाह ऐसा चाहते हैं तो यूरोप भेजें, अमेरिका भेजें, अमेरिका के तानाशाह से भी अच्छी दोस्ती है उनकी, पर टोटल माइग्रेशन होना चाहिए।”

मदरसों में आतंकी शिक्षा दिये जाने का सनसनीखेज बयान देकर चर्चा में आए सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी 2 फरवरी को अयोध्या पहुंचे और विवादित परिसर में विराजमान रामलला का दर्शन किए और साधु-संतों से मुलाकात की।

यहां पर उन्होंने राम मंदिर निर्माण की पैरवी की।पत्रकारों से बातचीत में कई मुद्दे पर अपने विचार रखे और कहा कि एक सेकुलर मुसलमान कभी भगवान राम के खिलाफ नहीं बोल सकता। कुछ कट्टरपंथी मुसलमान और मौलवी हैं, जो देश की एकता को तोड़ना चाहते हैं।

एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि विवादित परिसर पर अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा है। किसी मुल्ला के सामने नहीं। रिजवी ने कहा कि जिस स्थान पर रामलला विराजमान हैं, वहां पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, इसकी खिलाफत कोई नहीं कर रहा।

वसीम रिजवी ने कहा कि राम मंदिर का विरोध करने वाले ये वही लोग हैं जिन्हें मुल्क के बंटवारे के समय जिन्ना के साथ पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाना चाहिए था, लेकिन वह नहीं गए और आज के दौर में यही लोग भारत को खंडित करना चाहते हैं। ये जेहाद के नाम पर फसाद करना चाहते हैं, ऐसे लोगों की देश में कोई जगह नहीं है। वसीम रिजवी ने कहा कि जिन्हें जेहाद करना हो, वे बगदादी की फौज में भर्ती हो जाए।

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मदरसों में आतंकी बनाए जाने पर उनके बयान को लेकर किए सवाल पर वसीम ने कहा, “जाकिर नाईक जैसे लोगों को कुछ मदरसों में हीरो बनाकर पेश किया जा रहा है, बच्चों के जेहन में हिंसा और नफरत भरी जा रही है। मेरा मानना है कि उन मदरसों पर रोक लगाई जानी चाहिए।

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