बोस्निया के पूर्व सर्ब सैन्य कमांडर रैट्को म्लाडिक को 1990 के दशक में बोस्निया की लड़ाई में युद्ध अपराध और नरसंहार का दोषी ठहराया गया है। उस पर आठ हजार लोगों की हत्या का आरोप था। ‘बोस्निया के कसाई’ नाम से कुख्यात म्लाडिक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

16 साल तक रहा फरार

म्लाडिक के नेतृत्व में सेना ने सर्बेनिका में बोस्निया मुसलमानों के नरसंहार को अंजाम दिया था। वह 16 साल तक फरार रहा था। उसके खिलाफ मुकदमे के दौरान 600 से ज्यादा लोगों की गवाही दर्ज की गई पांच साल में। इसके बाद फैसला आया।

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11 में से 10 आरोप साबित

अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल में यह आखिरी मामला था और अगले महीने से इसे बंद किया जा रहा है। हेग में संयुक्त राष्ट्र ट्रिब्यूनल में म्लाडिक पर 11 में से 10 आरोप साबित हुए हैं। 1995 में उनके आदेश पर ही 8000 लोगों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी।

22 लाख हुए थे बेघर

1992-95 तक एकतरफा युद्ध के दौरान एक लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे और करीब 22 लाख लोग बेघर हो गए थे। जज अल्फोंस ओरी ने फैसले में इसे मानवता के खिलाफ बेहद घृणित अपराध करार दिया। फैसला सुनाने से पहले म्लाडिक को कोर्ट से निकाल दिया गया था।

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20 साल पहले दोषी

रैट्को म्लाडिक एक सैन्य कमांडर था। बोस्निया की लड़ाई के दौरान 1,80,000 सैनिकों की सेना का नेतृत्व किया था। माना जाता है कि इस लड़ाई के दौरान बर्बर अभियान चलाया था। 20 साल पहले ही उसे पहली बार अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने दोषी ठहराया था।

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