किसी भी देश के लिए वे पल गौरव के पल होते हैं, जब वह सशक्त देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करता है. भारतीय वायुसेना इजरायली वायुसेना के साथ लड़ाकू विमान उड़ाती हुई नज़र आएगी. इसके लिए बाकायदा 45 सदस्यीय भारतीय वायुसेना का दल इजरायल के लिए रवाना हो चुका है. इस संयुक्त युद्धाभ्यास को ब्लू फ्लैग 17 नाम दिया गया है. चीन और पाकिस्तान दोनों भारत को अपनी आँखों की किरकिरी मानते आये हैं. ऐसे में भारत की इसमें एंट्री से चीन-पाकिस्तान को जोरदार झटका लगा है.

सिर्फ चीन के सैनिक नहीं, राजा से भी रक्षामंत्री ने सिर झुकवाकर कराया ‘नमस्ते’

चीन-पाकिस्तान को जोरदार झटका लगा

चीन-पाकिस्तान को जोरदार झटका


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


 

दरअसल इजरायल में होने वाले ब्लू फ्लैग 17 इवेंट में भारत शामिल हो रहा है. भारत के अलावा इस इवेंट में फ़्रांस, अमेरिका और जर्मनी सेनायें शामिल होंगी. इस इवेंट में भारत के शामिल होने के साथ ही पाकिस्तान और चीन को तगड़ा झटका लगा है. दरअसल दोनों देश इस इवेंट में शामिल होना चाहते थे. लेकिन उन्हें इस इवेंट में एंट्री नहीं मिली.

इसके अलावा ये इवेंट इस मामले भी ख़ास है क्योंकि इस संयुक्त सेनाभ्यास में भारतीय सेना का सी-130 जे स्पेशल ऑपरेशनल एयरक्राफ्ट अपने ख़ास गरुड़ कमांडो के साथ शामिल होगा. ये संयुक्त सेनाभ्यास उवदा एयरफोर्स बेस पर होगा, जो 2 नवंबर से 16 नवंबर तक चलेगा.

चीन की चालों का जवाब देंगे इंडियन नेवी के 111 नए हेलीकॉप्टर

जितने दिन तक ये संयुक्त युद्धाभ्यास चलेगा तब तक चीन और पाकिस्तान के सीने पर सांप लोटेगा, क्योंकि दोनों देश इस इवेंट में शामिल होना चाह रहे थे. लेकिन उन्हें गच्चा देते हुए भारत इसमें खुद को शामिल कराने में कामयाब रहा. भारत की इसमें शामिल होने की कामयाबी की एक वजह ये भी है कि कुछ समय पहले पीएम मोदी ने जब इजरायल की यात्रा की थी उस समय इजरायली पीएम बेंजामिन नेतान्याहू से उनकी नजदीकियों ने विश्वास की एक नई इबारत लिखी थी. शायद ये उसी का असर है कि भारत को उसमें एंट्री मिली और चिर प्रतिद्वंदी चीन और पाकिस्तान को इस इवेंट से दूर ही रहना पड़ रहा है.

ये भी देखें:

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...