दावोस : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच में अपने भाषण में ‘अमेरिकी संरक्षणवाद’ पर सफाई दी. स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 48वें सम्मेलन के आखिरी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंच को संबोधित किया. शुक्रवार को वैश्विक बिजनेस लीडर्स से मुलाकात से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सामने अमेरिका की दोस्ती और साझेदारी की पेशकश की. साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका फर्स्ट का मतलब सिर्फ अमेरिका नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप

विश्व आर्थिक मंच से ट्रंप ने कहा कि दुनिया एक मजबूत और समृद्ध अमेरिका के पुनरुत्थान का अनुभव कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका आगे बढ़ता है, तो दुनिया आगे बढ़ती है. व्यापार के लिए अमेरिका का बाजार पूरी तरह से खुला है और हम फिर से यहां प्रतिस्पर्धी हैं.


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ट्रम्प ने अपने राजनेताओं और उद्योग, प्रौद्योगिकी और वित्त जगत के नेताओं से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने एक साल के राष्ट्रपति कार्यकाल के भीतर विदेशी निवेश के मामले में काफी आकर्षक हो गया है.

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हालांकि, मंच से ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कुछ देशों ने दूसरों की कीमत पर सिस्टम का फायदा उठाया तो हमारे पास स्वतंत्र और खुले व्यापार नहीं हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि हम खुले व्यापार का समर्थन करते हैं, मगर इसमें निष्पक्षता (उचित) होनी चाहिए और यह पारस्परिक रूप से होनी चाहिए. अमेरिका अधिक समय तक अनुचित आर्थिक प्रैक्टिसेस को अनदेखा नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी का बयान दर्शाता है कि मौजूदा वक्त में ग्लोबलाइजेश दुनिया का ट्रेंड बन गया है. इससे विकासशील देशों समेत सभी मुल्कों को लाभ पहुंचता है. संरक्षणवाद के खिलाफ लड़ने और ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा देने में भारत और चीन के बीच काफी समानता है.’

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