ख़बरों का बाज़ार गर्म करने का तरीका आता है तो आपकी टीआरपी बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता. हाल ही में खबर आई कि समाचार चैनल एनडीटीवी की बिक्री होने वाली है और इसके खरीदार भाजपा के करीबी जनाब अजय सिंह हैं. अब ज़ाहिर सी बात है कि मुद्दा चर्चा में आना था. वैसे, इन अजय सिंह की तारीफ़ ये कि एक दौर में जनाब भाजपा के कद्दावर नेता प्रमोद महाजन के ओएसडी रह चुके हैं. यानी कि रिश्तों में गर्माहट पुरानी है.

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एनडीटीवी की बिक्री की चर्चा

एनडीटीवी की बिक्री


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बहरहाल, इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत इस बात से होती है जब एनडीटीवी के शेयर्स में काफी वृद्धि देखी गयी. इसके बाद ये माना जाने लगा कि जल्द ही इसके स्वामित्व को लेकर कोई फैसला आ सकता है. मार्केट में ये खबर भी खूब चर्चित हुयी कि स्पाइसजेट के को-फाउंडर अजय सिंह के साथ एनडीटीवी की डील फाइनल हो चुकी है.

बीएसई के आंकड़े

चर्चा रही कि ये डील 600 करोड़ में फाइनल हुयी है. बीएसई यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के जून 2017 तक के आंकड़े बताते हैं कि एनडीटीवी की 61.45 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रमोटरों के पास है. बाकी 38.55 प्रतिशत हिस्सेदारी शेयरधारकों के पास है. इस डील के बाद अजय सिंह की इसमें 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी और रॉय फैमिली केवल 20 प्रतिशत की ही हिस्सेदार रह जाती.

एक खबर और चर्चा में ये भी रही कि अजय सिंह एनडीटीवी के 400 करोड़ का कर्ज भी चुकायेंगे. इसके अलावा रॉय फैमिली को भी 100 करोड़ वह देने वाले हैं. लेकिन इनमें सच्चाई किस खबर में है, ये तो मालिकान ही जानें.

एनडीटीवी की सफाई

मामले में अहम मोड़ तब आया, जब एनडीटीवी के एक अधिकारी ने ‘द हिन्दू’ के साथ बातचीत में खुलासा किया कि चैनल बेचे जाने की खबर गलत है. वह किसी के भी साथ एनडीटीवी को लेकर डील नहीं करने वाले हैं. उन्होंने माना कि एनडीटीवी घाटे में ज़रूर है, फिर भी वे इसे बेचने नहीं वाले. इसके अलावा वे इस चैनल को देश को समर्पित कर देंगे और ये देश का पहला ऐसा चैनल होगा, जिसे जनता चलाएगी. यानी कि इसे क्राउड फंडिंग के जरिये चलाने की तैयारी है.

संबित पात्रा को भागना पड़ा

ये वही एनडीटीवी है, जिस पर लाइव बहस के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को चैनल की एंकर निधि राजदान ने सीधे जाने के लिए कह दिया था. संबित पात्रा ने चैनल पर आरोप भी लगाया था कि ये भाजपा के खिलाफ खबर चलाते हैं. अब अगर ये चैनल अजय सिंह का हुआ, तो संबित पात्रा एक बार फिर इस पर नज़र आ सकते हैं. लेकिन ऐसा होने वाला है नहीं. क्योंकि एनडीटीवी के बिकने की खबर आने पर बीएसई ने एनडीटीवी से जवाब माँगा था. जिसका जवाब एनडीटीवी ने 22 सितम्बर की देर शाम लैटर जारी करके दिया है और कंपनी बेचने जैसी किसी भी डील से इनकार किया है.

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