भारत ने अपना 68वां गणतंत्र दिवस बहुत ठोक बजा के मना लिया है. बुर्ज खलीफा पे तिरंगा रोशन हो गया, एक अरब के साथ अरबों का कारोबार आसान करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी साइन हो गए.

ये ही नहीं, एनएसजी कमांडो भी अब तो राजपथ पर चल गए. काले कपड़े और धांसू हथियारों से लैस उनकी भी धमक परेड में दिख रही थी.

काले कपड़ों में राजपथ पर भाऊ लोग!

इस गणतंत्र दिवस मैंने सोचा की आप से एक ऐसी कहानी साझा करूँ जो शायद आपने पहले कभी न सुनी हो.


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गणतंत्र दिवस का जन्म

बात भारत के पहले गणतंत्र दिवस से भी पूर्व की है. उन दिनों एक बहु चर्चित कार्टूनिस्ट अनवर अहमद हिंदुस्तान टाइम्स के साथ थे.

24 जनवरी 1950 में उन्हीं के हाथों से बनी इस कार्टून पर गौर करें.

गणतंत्र दिवस

हॉस्पिटल से सीधे आती हुयी तस्वीर!

इस कार्टून में अनवर अहमद ने भारत गणराज्य का जन्म दिखाया है. ध्यान से देखिये इस पर पड़ी तारीख को.

इस कार्टून में बिस्तर पर मौजूद महिला भारत माता हैं और भारत माता ने जिस बच्चे को जन्म दिया है, वो भारत गणराज्य है.

भारत गणराज्य को अपने हाथों में खिलाते हुए हैं डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर. नर्स हैं कांग्रेस पार्टी, नर्स के दाएं हाथ पर भारत की जनता भारत गणराज्य का जन्म देखते हुए हैं.

पंडित जवाहर लाल नेहरु को भी अम्बेडकर जी के पीछे देखा जा सकता है. काले कोट में हैं डॉ राजेंद्र प्रसाद और उनके बगल लाला लाजपत राय.

झूठ मत बोलिएगा, लेकिन खबरीराजा की ये कहानी, नहीं सुनी थी न आपने किसी की जुबानी?

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