नई दिल्ली: भक्तों के लिए रविवार (29 अप्रैल) सुबह 6:15 से भगवान केदारनाथ के कपाट मंत्रोच्चार के साथ खुल गए. इस मौके पर राज्यपाल डॉ के के पॉल, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और हरिद्वार से सांसद डा. निशंक मौजूद रहे. इस बार मंदिर परिसर कुछ अलग नजर आएगा. दरअसल, राज्य सरकार द्वारा केदारनाथ धाम के आसपास निर्माण कार्य कराया गया है. बता दें कि मंदिर के प्रवेश द्वार को विशेष रूप से सुसज्जित कराया गया है, जिसकी धाम से दूरी 273 मीटर की है. हजारों भक्तों की मौजूदगी में मंदिर के कपाट सुबह 6.15 बजे खोले गए. तड़के चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. जलाभिषेक, रुद्राभिषेक समेत सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद सुबह सवा छह बजे 12वें ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए.

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केदारनाथ के कपाट


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दर्शन का समय

-केदारनाथ मन्दिर दर्शनार्थियों के लिए प्रात: 6:00 बजे खुलता है.
– दोपहर तीन से पाँच बजे तक विशेष पूजा होती है और उसके बाद विश्राम के लिए मन्दिर बन्द कर दिया जाता है.

केदारनाथ के कपाट
– शाम 5 बजे जनता के दर्शन के लिए मन्दिर खोला जाता है.
– पाँच मुख वाली भगवान शिव की प्रतिमा का विधिवत श्रृंगार करके 7:30 बजे से 8:30 बजे तक नियमित आरती होती है, रात्रि 8:30 बजे केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग का मन्दिर बन्द कर दिया जाता है.
– कपाट बंद होने के बाद केदारनाथ की पंचमुखी प्रतिमा को ‘उखीमठ’ में लाया जाता हैं. इसी प्रतिमा की पूजा यहाँ भी रावल करते हैं.

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