बलूचिस्तानी धार्मिक गुरु शहंशाह मस्ताना ने आध्यात्मिक कार्यक्रमों और सत्संगों का आयोजन कर डेरा की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे इसके अनुयायियों की संख्या बढ़ती गई। तब उन्हें कतई अहसास नहीं रहा होगा कि एक दिन डेरे के नाम पर ऐसा कलंक लगेगा।

रक्तदान के लिए गिनीज बुक में नाम

शहंशाह मस्ताना के बाद शाह सतनाम जी को डेरे का गुरु बनाया गया। सर्वाधिक रक्तदान के लिए डेरा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। 23 सितंबर, 1990 को शाह सतनाम सिंह ने गुरमीत राम रहीम को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।

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दो दशकों में अरबों का साम्राज्य

राम रहीम को सात साल की ही उम्र में ही डेरा सच्चा सौदा के तत्कालीन प्रमुख शाह सतनाम सिंह ने अपना लिया था। गद्दी संभालने के बाद राम रहीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और दो दशकों में ही करोड़ों भक्तों के साथ अरबों का साम्राज्य खड़ा कर दिया।

तीन सालों में इतनी कमाई

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार 2010-11 में डेरा की आय 165248455 रुपये थी। 2011-12 में यह बढ़कर 202099999 रुपये हो गई। यह बढ़त लगातार जारी रही और 2012-13 में आय 290818760 रुपये हो गई।

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इस कानून के तहत छूट

सबसे अहम बात यह है कि इतनी लंबी-चौड़ी आमदनी के बावजूद डेरे को कोई आयकर नहीं देना होता। डेरा सच्चा सौदा को आयकर कानून 1961 की धारा 10 (23) के तहत आयकर से छूट प्राप्त है।

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