एक कारोबारी की कंपनियों का मूल्य और बेहद अमीरों की सूची में उसका नाम शामिल होने को कोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि उक्त अरबपति कारोबारी अपनी पत्नी को हर महीने चार लाख रुपये गुजारा भत्ता दे।

गुजारा भत्ता

हर साल होगी 15 फीसदी वृद्धि

दिल्ली की कोर्ट ने आदेश दिया है कि पत्नी को छोड़ने वाला कारोबारी जो गुजारा भत्ता देगा, उसमें हर साल 15 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। बता दें कि कारोबारी ने अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी को छोड़ दिया था।


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गुजारा तय करते लिया संज्ञान

कोर्ट ने इस केस में गुजारा भत्ता तय करते समय संज्ञान लिया कि एक कारोबारी पत्रिका की ओर से जारी ‘बेहद अमीर श्रेणी’ की सूची में पति का नाम आता है। इसी आधार पर फैसला भी सुनाया।

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प्रभावशाली कारोबारी परिवार

प्रिंसिपल जज नरोत्तम कौशल ने कहा कि परिवार के कारोबार को ‘सुपर रिच लिस्ट’ में जगह मिली है। फार्च्यून 500 प्रकाशन में उनकी कंपनियों का मूल्य 921 करोड़ रुपये है। यानी कि पति देश के बेहद प्रभावशाली कारोबारी परिवार से है।

पति की आय का लाभ मिले

न्यायाधीश ने कहा कि पति की आय में पिछले दो वित्त वर्ष में महत्वपूर्ण उछाल आया है। इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। इसलिए पति की आय में इन बढ़ोतरी का फायदा उनकी पत्नी को भी मिलना चाहिए।

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गुजारा भत्ता के लिए याचिका

अपने वकील मानव गुप्ता के जरिए दायर याचिका में महिला ने आरोप लगाया था कि मार्च 2008 में उसे ससुराल से निकाल दिया गया। इसके बाद उसने अदालत में गुजारे भत्ते के लिए याचिका दायर की।

एक ही कंपनी से मिलता वेतन

दूसरी ओर पति ने जनवरी, 2011 में तलाक के लिए याचिका दायर की। पति का दावा है कि वह कई कंपनियों का निदेशक है। पर सिर्फ एक कंपनी से उसे सैलरी मिलती है। वह भी सिर्फ 90 हजार रुपये महीने।

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