बहुत दिनों से लोग अक्सर राजनेताओं की योग्यता पर सवाल उठाते आये हैं. लेकिन उनके हाथ कुछ आ नहीं रहा. हालिया चुनावों में भी अनपढ़ या कम पढ़े लिखे लोग देखे गए. वैसे भी मामला उठाने वाले लोग उठाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद सब टांय-टांय फिस्स हो जाता है.

बीफ बैन: यहाँ तो माजरा अलग, भाजपा नेता ही कह रहा- जीते तो खुलवा देंगे बूचड़खाने

आप भी सोच रहे होंगे जब सब चुप हैं तो हम क्यों बोलने लगे. तो भैया जी एक बात सुन लीजिये हम फालतू में बोल भी नहीं रहे हैं.


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


ये मामला है यूपी के सोनभद्र जिले का, जहाँ ग्राम प्रधान जी ने एक मृतक प्रमाणपत्र बनाया है. अब आप सोचेंगे तो इसमें क्या हुआ, गावों में अक्सर प्रधान जी इस तरह के कागज़ बनाते रहते हैं.

बस भैया, सारा झोल तो इसी में है. दरअसल जो प्रमाण पत्र बनाया गया, उसमें मरने वाले के उज्जवल भविष्य की कामना की गयी है. अब कहिये क्या कहेंगे.

ये भी उखाड़ लोगे, वो भी उखाड़ लोगे लेकिन नेताजी अब ‘माइक’ न उखाड़ पाओगे

जी हाँ, यूपी के सोनभद्र के सिरपालपुर के गाँव में एक मृतक प्रमाणपत्र बनाया गया. जिसमें लिखा गया है कि ‘प्रमाणित किया जाता है कि स्व. नंदकुमार स्त्री रीता देवी निवासी सिरपालपुर पो. अवछोर तहसील व थाना रानीगंज परगना विजयगढ़ जिला सोनभद्र की स्थायी निवासी हैं. मैं भली भाँती इन्हें जानता व पहचानता हूँ. इनकी मृत्यु दिनांक 8.1.2005 को आकस्मिक हो गयी थी तथा इनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ.’

मृतक प्रमाणपत्र

बाकी तो सब कुछ ठीक है लेकिन उज्जवल भविष्य की कामना पर आकर मामला अटक गया. क्योंकि प्रधान जी ने ऊपर वाले को प्यारे हो चुके इंसान को भी उज्जवल भविष्य की शुभकामना दे दी.

ओएमजी : किसी की न माने नेताजी, कर डाला महिला का ऑपरेशन

वैसे उनके भविष्य का क्या होगा ये भी उन्हें सोचना चाहिए. खैर, हो सकता है अब ये बात प्रधान जी को अगले चुनाव में पता लग जाए.

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...