भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ रुपये लेकर विदेश भागे शराब कारोबारी विजय माल्या ने ब्रिटेन में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के दौरान अजीबोगरीब तर्क दिया है। गुरुवार को विजय माल्या के वकीलों ने कहा कि भारतीय जेल में क्षमता से अधिक कैदी होते हैं।

नहीं होती जेलों में साफ-सफाई

यह भी कहा है कि भारतीय जेल में साफ सफाई भी ठीक नहीं होती है। माल्या की वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में गवाह के तौर पर जेल सेवाओं के विशेषज्ञ डॉ. एलन मिशेल को पेश किया।

भारत के दावे को गलत ठहराया

उन्होंने धोखाधड़ी व काला धन मामले में प्रत्यर्पण की स्थिति में माल्या के साथ होने वाले व्यवहार संबंधी भारत सरकार के दावों को गलत साबित करने की कोशिश की। मोंटगोमी ने कहा कि माल्या को मुंबई के आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा।


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बैरक की स्थिति संतोषजनक नहीं

कहा कि भारतीय जेल की उस बैरक की स्थिति संतोषजनक नहीं है। डॉ. मिशेल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा किए गए वादे आम हैं और यह बताते हैं कि जेल की स्थिति माल्या को रखे जाने के लायक हैं, पर किसके हिसाब से लायक?

ब्रिटिश कैदियों से बातचीत का आधार

डॉ. मिशेल का तर्क उनके कोलकाता के अलीपुर जेल के निरीक्षण और चेन्नई के पुझल जेल में कैदियों की स्थिति पर आधारित था। छह पूर्व ब्रिटिश सैनिकों को हाल ही में चेन्नई की जेल से रिहा किया गया है, जिन्हें चेन्नई-6 की संज्ञा दी गई।

पकड़ा गया, पकड़ा गया, पकड़ा गया, विजय माल्या पकड़ा गया…

चेन्नई की जेल का दिया उदाहरण

इन छह में से एक कैदी से फोन पर हुई बातचीत के आधार पर डॉ. मिशेल ने कहा कि चेन्नई के जेल की बैरक में खुले में शौच किया जाता है। वहां चूहे, कॉकरोच और सांप दौड़ते रहते हैं। इससे पता चलता है कि भारत की जेलें रहने लायक नहीं हैं।

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