डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने के बाद भड़की हिंसा में मारे गए लोगों में कई की अब तक पहचान भी नहीं हो पाई है। शवों को पंचकुला के सिविल अस्पताल में रखा गया था। शुक्रवार रात वहां का मंजर बेहद दर्दनाक था।

मोबाइल रिसीव करने को मनाही

सूत्रों ने बताया कि 17 शवों को सिविल अस्पताल में रखा गया था। पूरी रात उनकी जेब में रखे फोन बजते रहे। अफसरों के आदेश के कारण कोई भी अस्पताल कर्मी ये फोन रिसीव करने का साहस नहीं दिखा पाया। ज्यादातर मृतक डेरा सच्चा सौदा के समर्थक बताए जा रहे हैं।


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और एंबुलेस से आने लगे जख्मी

बताया गया है कि शुक्रवार शाम 4ः30 बजे के बाद एंबुलेंस में सैकड़ों घायलों को अस्पताल लाया जाने लगा। इमरजेंसी वार्ड में बड़ी संख्या में घायल स्ट्रेचर पर लेटे थे। वर्ड के पूरे फर्श पर खून बिखरा पड़ा था।

घायलों की भी जानकारी नहीं

इन घायलों के बारे में किसी को नहीं पता था कि ये कौन लोग हैं। इमरजेंसी में घायलों और मरने वालों के परिजनों की भीड़ इतनी बढ़ गई थी कि पुलिस को उन्हें बाहर खदेड़ना पड़ा और हॉस्पिटल के गेट पर बैरिकेड लगाने पड़े।

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37 हुई मरने वालों की संख्या

बता दें कि शुक्रवार को डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार का दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की हिंसा में 32 लोगों की मौत हो गई थी। अब यह संख्या बढ़कर 37 हो गई है।

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