चौदहवीं के चांद से खूबसूरती की तुलना तो खूब की जाती है, पर क्या आपको पता है कि यह खतरनाक भी होता है। एक अध्ययन में सामने आया है कि जिस रात चांद पूरा होता है, उस रात बाइक के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका अधिक रहती है।

चौदहवीं की रात भटक जाता ध्यान

शोधकर्ताओं का मानना है कि चौदहवीं की रात में बाइक सवार का ध्यान भटक जाता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि अमरीका में हर साल इस वजह से करीब पांच हजार लोगों की मौत होती है। यानी हर सात सड़क दुर्घटना में मरने वालों में एक बाइक सवार होता है।

सात अगस्त को चांद का कुछ हिस्सा ढंक लेगी धरती, भारत में भी दिखेगा नजारा


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


एक साल में 12 बार पूरा दिखता चांद

शोधकर्ताओं का कहना है कि सड़क हादसों की बड़ी वजह वाहन चलाने के दौरान ध्यान भटक जाना होता है। एक साल में करीब 12 बार पूरा चांद दिखता है जो बड़ा और चमकीला होता है। इसलिए यह संभावित तौर पर वाहन चालक का ध्यान भटका सकता है।

दो यूनिवर्सिटी ने मिलकर किया शोध

कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो और अमरीका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पूरे चांद की रात में होने वाले सड़क हादसों की गणना की है और इसकी तुलना पूर्ण चंद्र से ठीक एक हफ्ते पहले और बाद वाले हफ्ते में होने वाले सड़क हादसों से की है।

चीन का माल है ये, चले तो चाँद तक नहीं तो फिर शमशान तक

बाइक चलाने वालों की औसत उम्र 32 साल

इसके अनुसार,  1,482 रातों में 13,029 लोग घातक बाइक हादसों का शिकार हुए। इनमें 494 रातें पूर्ण चंद्र वाली थीं जबकि 988 रातें
सामान्य थीं। आम तौर पर बाइक चलाने वाला मध्यम उम्र का पुरुष (औसत उम्र 32) होता है।

पूरे चांद की रात औसतन नौ सड़क हादसे

पूरे चांद की 494 रातों में 4,494 घातक दुर्घटनाएं हुईं। यानी प्रत्येक रात करीब नौ सड़क हादसे हुए। वहीं सामान्य 988 रातों में 8,535 हादसे हुए जिसका औसत प्रत्येक रात 8.64 हादसे है।

जे पसंद आया?
तो हम भी पसंद आएंगे, ठोको लाइक

Follow on Twitter!
loading...